facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Indonesia landslide: भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत, कई अब भी लापता

Advertisement

मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को हुए भूस्खलन में 30 मकान मलबे में दब गए थे

Last Updated- March 09, 2023 | 6:34 PM IST
Landslide

इंडोनेशिया के सुदूर नतुना द्वीप में हुए भीषण भूस्खलन के बाद फैले मलबे से बचावकर्मियों द्वारा और शव बरामद करने के बाद, इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी ने एक बयान में कहा कि दक्षिण चीन सागर के किनारे नतुना क्षेत्र में एक दूरस्थ द्वीप पर जेंटिंग गांव में खोज अभियान चलाया जा रहा है। वहां मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को हुए भूस्खलन में 30 मकान मलबे में दब गए थे। नतुना की खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख अब्दुल रहमान ने बताया कि अधिकारियों ने खोज एवं बचाव एजेंसी, पुलिस और सेना के 700 से अधिक बचावकर्मियों को 24 लोगों की तलाश के लिए तैनात किया है, जो अब भी लापता हैं। इन लोगों के भूस्खलन के मलबे में दबे मकानों में फंसे होने की आशंका है।

रहमान ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘मौसम में सुधार की वजह से हम और शव बरामद कर सके।’ राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी के प्रमुख सुहरयांतो ने गुरुवार को बताया कि आठ लोगों को मलबे से जिंदा निकाला गया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। घटनास्थल पर तेज बारिश होने के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।

सुहरयांतो ने कहा, ‘हम लापता लोगों का पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि श्वान दस्ते का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बुधवार को जकार्ता और आसपास के द्वीपों से बचाव दल, चिकित्सा दल और तंबू, कंबल तथा भोजन सहित राहत सामग्री लेकर दो हेलीकॉप्टर और कई जहाज यहां पहुंचे। सुहरयांतो ने बताया कि सोमवार को हुए भूस्खलन में करीब 1,300 लोग बेघर हो गए, जिन्होंने अस्थायी आश्रय स्थलों में पनाह ली है।

Advertisement
First Published - March 9, 2023 | 6:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement