facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईरान-अमेरिका के बीच टली वार्ता को मिलेगी नई जान? अराघची की पाक यात्रा पर टिकी दुनिया की नजरें

Advertisement

ईरान के विदेश मंत्री शांति वार्ता बहाल करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं। वहीं हिज्बुल्लाह ने हमलों के जारी रहने के बीच मौजूदा युद्धविराम को अर्थहीन बताया है

Last Updated- April 24, 2026 | 10:30 PM IST
Abbas Araghchi, Iran's foreign minister
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची | फाइल फोटो

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उनके अमेरिका के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा करने की उम्मीद है। हालांकि, उनकी अमेरिकी वार्ताकारों से सीधे मिलने की कोई योजना नहीं है। इससे पहले इसी सप्ताह युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में ही वार्ता होनी थी, जो विफल हो गई थी।

अराघची ने एक्स पर बयान में कहा कि वह पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा पर निकल रहे हैं, ताकि द्विपक्षीय मामलों पर सहयोगियों के साथ समन्वय कर सकें और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लिए उसके पड़ोसी देश पहली प्राथमिकता हैं। पाकिस्तानी सरकार के दो सूत्रों ने बताया कि अराघची की यात्रा अमेरिका के साथ वार्ता के लिए ईरान के प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए हो रही है। इसके बाद उनके प्रस्तावों पर मध्यस्थ पाकिस्तान अमेरिका के साथ चर्चा करेगा।

अमेरिका की ओर से ईरान के विदेश मंत्री की यात्रा पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसी समय लगभग एक ब्रीफिंग में कहा कि ईरान के पास अमेरिका के साथ बेहतर सौदा करने का मौका है। उन्होंने कहा, ‘ईरान जानता है कि उनके पास बातचीत की मेज पर बुद्धिमानी से चुनने के लिए बड़ा अवसर है। उन्हें बस परमाणु हथियार को सार्थक तरीकों से त्यागना होगा।’

ईरानी सरकारी मीडिया और पाकिस्तानी सूत्रों में अराघची की यात्रा की रिपोर्टों में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ का कोई उल्लेख नहीं था, जो इस महीने की शुरुआत में हुई एक मात्र वार्ता में प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख थे। पाकिस्तानी सूत्रों ने पहले कहा था कि संभावित वार्ता के लिए अमेरिकी लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है। अंतिम दौर की शांति वार्ता मंगलवार को होनी थी, लेकिन यह टल गई।

ईरान ने कहा था कि वह अभी तक भाग लेने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद आना था, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी वॉशिंगटन से रवाना नहीं हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अंतिम समय में दो सप्ताह के युद्ध विराम को स्वेच्छा से बढ़ाया ताकि वार्ताकारों को दोबारा जोड़ने के लिए अधिक समय दिया जा सके।

हिज्बुल्लाह ने युद्ध विराम को बताया अर्थहीन

ईरान के साथ-साथ चल रहे इजरायल और लेबनान युद्ध को रोकने के लिए गुरुवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप की मध्यस्थता में हुई बैठक में यहां तीन सप्ताह के लिए युद्ध विराम बढ़ाया गया।

ईरान ने स्पष्ट कर दिया था कि अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता के लिए लेबनान में युद्ध विराम पहली शर्त है। इस युद्ध विराम के बावजूद लेबनान के दक्षिणी भाग में लड़ाई रुकने के संकेत नहीं मिले, क्योंकि लेबनान के अधिकारियों ने इजरायली हमले में दो लोगों के मारे जाने की सूचना दी और हिज्बुल्लाह ने एक इजरायली ड्रोन को मार गिराया।

वैसे बीते 16 अप्रैल को लागू हुए युद्ध विराम के बाद दोनों देशों के हमलों में काफी कमी आई है, लेकिन दक्षिणी लेबनान में झड़पें जारी हैं, जहां इजरायल ने बफर जोन घोषित किया है। युद्ध विराम विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए हिज्बुल्लाह सांसद अली फय्याद ने कहा, ‘यह बताना आवश्यक है कि इजरायल के हमले जारी हैं। ऐसे में युद्ध विराम अर्थहीन है।’

Advertisement
First Published - April 24, 2026 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement