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ईरान समृद्ध यूरेनियम सौंपने को तैयार, समझौता करीब: ट्रंप का बड़ा दावा

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शांति समझौते की उम्मीद बढ़ी, लेकिन वार्ता विफल होने पर फिर शुरू हो सकती है जंग

Last Updated- April 17, 2026 | 11:35 AM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (File Image)

Trump Iran Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सौंपने के लिए तैयार हो गया है, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देश शांति समझौते के करीब हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने वह सौंपने पर सहमति जताई है जिसे उन्होंने ‘न्यूक्लियर डस्ट’ बताया, यानी अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम, जिसे अमेरिका परमाणु हथियार बनाने में उपयोगी मानता है।

ईरान के पास परमाणु ह​थियार नहीं

ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं है और उसने “बहुत मजबूती से” इस बात पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान भूमिगत भंडारित यूरेनियम को सौंपने पर भी राजी हो गया है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं है और उन्होंने इस पर सहमति जताई है। ईरान ने इस पर बहुत मजबूती से सहमति दी है। उन्होंने हमें वह ‘न्यूक्लियर डस्ट’ वापस देने पर सहमति जताई है, जो गहराई में रखा गया है, क्योंकि हमने बी-2 बॉम्बर्स से हमला किया था।

संभावित समझौते पर उन्होंने कहा कि हमारी ईरान के साथ काफी सहमति बन गई है और कुछ बहुत सकारात्मक और महत्वपूर्ण होने वाला है। इससे तेल की सप्लाई सामान्य हो सकती है, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रह सकता है और सब कुछ अच्छा होगा।

अमेरिका-ईरान संबंध ‘बहुत अच्छे’: ट्रंप

हालिया तनाव के बावजूद ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संबंध बेहतर हुए हैं। उन्होंने इसका कारण चार हफ्तों तक चली बमबारी और “बहुत शक्तिशाली नाकेबंदी” को बताया। ट्रंप ने कहा कि हमारा अभी ईरान के साथ बहुत अच्छा संबंध है, भले ही इस पर विश्वास करना मुश्किल हो।

हालांकि ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो फिर से संघर्ष शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर शुरू होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच अगला दौर की बातचीत इस हफ्ते के आ​खिर तक हो सकती है, जिससे बातचीत में तेजी के संकेत मिलते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौता होता है, तो वह पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं। यह बयान उसी दिन आया है जब ट्रंप ने घोषणा की कि इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है।

यह पढ़ें: ‘दोस्त मोदी से हुई शानदार बातचीत’: ट्रंप का बयान, ईरान युद्ध पर भी हुई चर्चा

इस्लामाबाद में शांति वार्ता बेनतीजा रही

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत बीते रविवार को इस्लामाबाद में 21 घंटे से ज्यादा चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इन वार्ताओं में कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम, खासकर यूरेनियम संवर्धन, सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बना रहा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में हुई बातचीत तब टूट गई जब ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने से इनकार कर दिया, जबकि तेहरान ने अमेरिकी रुख को “अत्यधिक” बताया।

US-ईरान युद्ध अब तक

  • 28 फरवरी 2026- युद्ध की शुरुआत, अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े एयरस्ट्राइक किए। सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइट्स और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन US–Israel की तरफ से संयुक्त रूप से था।
  • 1 मार्च 2026- बड़े हमले, B-2 बॉम्बर्स, F-35 और मिसाइलों से कई शहरों पर हमला। तेहरान समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए। कई सैन्य और रणनीतिक ठिकाने नष्ट हुए।
  • मार्च 2026- ईरान का जवाब, ईरान ने सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया। इजरायल और US बेस को निशाना बनाया। खाड़ी देशों (सऊदी, UAE, कतर) में भी तनाव बढ़ा। मार्च मध्य के दौरान युद्ध में लेबनान (Hezbollah) भी में शामिल हुआ। कई देशों में हमले और जवाबी हमले हुए। मिडिल ईस्ट में मल्टी फ्रंट वार बन गया।
  • मार्च-अप्रैल 2026– तेल संकट, ईरान ने Strait of Hormuz को ब्लॉक किया। दुनिया की 20% तेल सप्लाई प्रभावित होने लगी। ग्लोबल तेल कीमतों में तेजी आई।
  • अप्रैल 2026- तेज लड़ाई और प्रतिबंध लगाए जाने लगे। अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए। समुद्री नाकेबंदी बढ़ाई गई। ईरान ने जहाजों को रोकने की धमकी दी।
  • 7 अप्रैल 2026- अस्थायी सीजफायर, अमेरिका और ईरान ने 2 हफ्ते का सीजफायर घोषित किया। शांति वार्ता शुरू हुई।
  • अप्रैल 2026- इस्लामाबाद में शांति वार्ता, US और Iran के बीच बातचीत (पाकिस्तान की मध्यस्थता) शुरू हुई। बातचीत में मुख्य मुद्दे यूरेनियम, परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज कंट्रोल थी। हालांकि बातचीत बेनतीजा रही।
  • मौजूदा स्थिति (अप्रैल 2026)- युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सीजफायर पूरी तरह प्रभावी नहीं लग रहा है। साथ ही नई बातचीत की तैयारी है। इस बीच ट्रंप ने दावा किया है कि डील “करीब” है।

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First Published - April 17, 2026 | 11:35 AM IST

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