राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले तेज करने की धमकी बाद शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका का एक लड़ाकू विमान मार गिराया। ईरानी सेना ने इसके एफ-35 होने का दावा किया है। यह सिंगल सीटर विमान अमेरिका अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है। पेंटागन और यूएस सेंट्रल कमांड ने तत्काल टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि वह दक्षिण-पश्चिमी ईरान में विमान के गिरने वाली जगह पर पायलट की तलाश कर रही है। क्षेत्रीय गवर्नर ने पायलट को पकड़ने या मारने वाले व्यक्ति को बड़ा ईनाम देने का ऐलान किया है। एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है।
ईरानी समाचार एजेंसियों ने कहा कि अमेरिकी हेलीकॉप्टर तलाशी अभियान में जुटे रहे। अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद इस तरह की यह पहली पुष्ट घटना है। हालांकि ईरान ने इससे पहले भी अमेरिका के जंगी जहाज को उड़ाने का दावा किया था और उसकी फुटेज भी जारी की थी, लेकिन अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर उसकी पुष्टि नहीं की थी। दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल ने तेहरान एवं सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण शहर इस्फहान पर हवाई हमले किए।
ईरान ने क्षेत्रीय लक्ष्यों को निशाना बनाते हुए शुक्रवार को कुवैत के मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर हमला किया जिससे उसमें आग लग गई। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प ने कहा कि फायर फाइटर वहां कई जगह लगी आग पर नियंत्रण पाने के लिए काम कर रहे हैं। कुवैत ने यह भी कहा कि ईरान ने उसके समुद्र के खारे पानी को पेयजल में बदलने वाले एक संयंत्र पर भी हमला किया।
बहरीन में भी शुक्रवार को सायरनों की आवाजें सुनी गईं। सऊदी अरब ने कहा कि उसने कई ईरानी ड्रोन नष्ट किए हैं। इजरायल ने कहा कि ईरान की तरफ से कई मिसाइलें छोड़ी गईं। यूएई को अपना एक गैस क्षेत्र बंद करना पड़ा, क्योंकि यहां ईरानी मिसाइल का मलबा गिरने से आग लग गई। इसके अलावा अबू धाबी में देश की वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकी गई मिसाइलों के मलबे से भारत के पांच और नेपाल के छह नागरिक घायल हो गए। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने शुक्रवार को ईरान से लॉन्च 18 बैलिस्टिक मिसाइलों, 4 क्रूज मिसाइलों और 47 यूएवी को रोका।
भले ही अमेरिका और इजरायल यह दावा कर रहे हों कि ईरान की सैन्य क्षमताएं लगभग नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन उसने अपने हमलों से इजरायल और अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों पर दबाव बनाए रखा है। इस बीच, संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी शासन बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। देश के पूर्व शीर्ष राजनयिक की ओर से अमेरिका की एक प्रभावशाली पत्रिका में संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव प्रकाशित किया गया है।
पश्चिम के साथ बातचीत का लंबा अनुभव रखने वाले पूर्व ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने शुक्रवार को यह भी लिखा कि संघर्ष को समाप्त करने का समय आ गया है। लंबे समय तक शत्रुता जारी रहने से जानमाल और संसाधनों की अपूर्णनीय क्षति होगी। इंटरनैशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस ऐंड क्रिसेंट सोसाइटीज के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिणी ईरान में एक ड्रोन हमले में सहायता कंटेनरों और आपातकालीन वाहनों वाले गोदाम को निशाना बनाया गया।
तीन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गुरुवार को अमेरिका के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त कर दिया। युद्ध के दौरान एक सैन्य शाखा के प्रमुख को बर्खास्त करना बहुत बड़ा कदम है। विभाग ने जॉर्ज पर कार्रवाई का कोई कारण नहीं बताया है।