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ईरान ने अमेरिका को चेताया- अगर जमीनी हमला किया तो ट्रंप को मिलेगा ‘बड़ा सरप्राइज’, सैनिकों के शव भी नहीं बच पाएंगे

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ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि किसी भी जमीनी हमला पर वे कड़ा जवाब देंगे, जबकि अमेरिका ईरान के परमाणु संसाधनों पर ऑप्शन पर विचार कर रहा है।

Last Updated- March 21, 2026 | 4:55 PM IST
FILE PHOTO: Illustration shows Israeli and Iranian flags
Representative Image

पश्चिम एशिया और गल्फ क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इसी बीच, ईरान के एक सैन्य सूत्र ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान पर कोई जमीनी हमला किया तो यह उनकी “रेड लाइन” के बराबर होगा और ट्रंप के लिए बड़ा सरप्राइज तैयार है। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने शनिवार को दी।

सूत्र ने कहा, “स्पष्ट रूप से, ईरानी जमीन पर कोई जमीनी हमला हमारी रेड लाइन में से एक है। जैसा कि हमने हर शत्रु की हर कोशिश पर उन्हें आश्चर्यचकित किया, इस बार भी हम यही करेंगे।”

ईरानी सैन्य सूत्र ने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ था, तब पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे प्रभावित हुए थे। इस आधार पर उन्होंने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी तरह का जमीनी हमला किया गया, तो उसका जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा।

सूत्र ने Tasnim को बताया, “जब हमारी ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे ठप हो गए। इस बार भी हम पूरी तरह तैयार हैं। अगर आतंकवादी ट्रंप इस मामले में कोई गलती करते हैं, तो हम उनके लिए ऐसा सरप्राइज रखेंगे कि वे अपने सैनिकों के शवों को हमारी जमीन से निकालने में भी सक्षम नहीं होंगे।”

अमेरिका की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, ईरानी द्वीपों को नष्ट करने का कदम अगर उठाया गया तो इसके प्रभाव में यूएई के तटीय क्षेत्रों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस स्थिति में दुबई और अबू धाबी सिर्फ़ शुरुआती चरणों में नहीं रहेंगे, बल्कि इन पर भी असर पड़ सकता है।

सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन इस समय ईरान के परमाणु संसाधनों को निकालने के लिए विभिन्न विकल्पों और रणनीतियों पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि इस ऑपरेशन के समय को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस पर अंतिम फैसला लेने से पहले स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि योजना के केंद्र में अमेरिका की Joint Special Operations Command (JSOC) की संभावित तैनाती रही है। यह यूनिट अमेरिकी सेना की सबसे गोपनीय और विशेषज्ञ इकाई है, जिसे अक्सर संवेदनशील और खतरनाक मिशनों के लिए तैनात किया जाता है।

मौजूदा तनाव के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन किसी प्रकार की युद्धविराम की कोशिश नहीं कर रहा है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम संवाद कर सकते हैं, लेकिन मैं युद्धविराम नहीं चाहता। आप युद्धविराम तब नहीं करते जब आप वास्तविक रूप से दूसरी तरफ को समाप्त कर रहे हों। हम ऐसा करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।”

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First Published - March 21, 2026 | 4:55 PM IST

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