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युद्ध खत्म करने के लिए ईरान ने पेश किया 10 सूत्री प्लान

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ईरान ने कहा है कि अगर उसकी शर्तें मानी जाती हैं, तो वह होरमुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई अपनी अनौपचारिक रोक हटाने को तैयार है

Last Updated- April 07, 2026 | 9:21 AM IST
Iran ceasefire proposal
Representational image

पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और तेज हो गई है। तेल के रास्ते पर ताला है, समुद्र में तनाव है, और आसमान में हमले की उलटी गिनती चल रही है। ऐसे में ईरान ने अमेरिका और इजरायल को युद्ध खत्म करने के लिए 10 सूत्री प्रस्ताव भेजा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए पहुंचाया गया, जो इस पूरे टकराव में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सवाल वही है, क्या यह कदम जंग रोक पाएगा, या यह सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी है?

ईरान की शर्तें साफ, हमला बंद करो, पाबंदियां हटाओ, तब रास्ता खुलेगा

ईरान ने अपनी मांगों में कोई नरमी नहीं दिखाई। उसने साफ कहा है कि अगर युद्ध रोकना है तो पहले यह गारंटी दी जाए कि उस पर दोबारा हमला नहीं होगा। साथ ही, इजरायल को लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले रोकने होंगे और ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने होंगे। यानी ईरान का संदेश साफ है, पहले भरोसा, फिर समझौता।

ईरान ने कहा है कि अगर उसकी शर्तें मानी जाती हैं, तो वह होरमुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई अपनी अनौपचारिक रोक हटाने को तैयार है। यही वह रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस लेकर गुजरता है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। ईरान ने यह भी कहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज से वह करीब 20 लाख डॉलर शुल्क लेगा। यह रकम ओमान के साथ बांटी जाएगी, और ईरान अपने हिस्से का पैसा युद्ध में तबाह हुए पुल, सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं को दोबारा खड़ा करने में लगाएगा।

ट्रंप का जवाब, बड़ा कदम है, लेकिन काफी नहीं

अमेरिका से राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, यह एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है, बड़ा कदम है, लेकिन यह अभी भी पर्याप्त नहीं है। ट्रंप ने साफ चेतावनी भी दोहराई। अगर मंगलवार रात 8 बजे, अमेरिकी समय तक उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान पर ऐसे हमले होंगे कि उसे फिर से खड़ा होने में 100 साल लग जाएंगे।

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि इस प्रस्ताव में सीजफायर यानी युद्धविराम शब्द नहीं है। उसकी जगह लिखा गया है, ईरान की शर्तों के मुताबिक युद्ध का स्थायी अंत। यह सिर्फ भाषा नहीं, रणनीति है। ईरान दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह झुक नहीं रहा, बल्कि शर्तें रख रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को लगता है कि इस टकराव में उसका पलड़ा हल्का नहीं है। उसने होरमुज में जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि उसने अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ 15 ई को मार गिराया, हालांकि अमेरिका ने दोनों पायलटों को बचा लिया। ईरान की नजर में यह संदेश साफ है, हम सिर्फ बचाव नहीं कर रहे, जवाब भी दे रहे हैं।

यह पहली कोशिश नहीं है। 24 मार्च को अमेरिका ने भी पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा था। ईरान ने उसे बहुत ज्यादा, असामान्य और तर्कहीन बताकर खारिज कर दिया। अब ईरान का नया प्रस्ताव आया है, लेकिन दोनों पक्षों की मांगों के बीच दूरी अभी भी बहुत ज्यादा है।

ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान में सत्ता का चेहरा बदल गया

ट्रंप ने एक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान में रेजीम चेंज जैसा असर पैदा कर दिया है, क्योंकि कई बड़े नेताओं को मार दिया गया है। ट्रंप के शब्द थे, अब हम अलग लोगों से बात कर रहे हैं। वे ज्यादा समझदार हैं, ज्यादा तेज हैं और कम कट्टर हैं।

अब आगे क्या

दुनिया की नजर अब मंगलवार की डेडलाइन पर है। अगर समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर नए हमले हो सकते हैं। अगर हमला हुआ, तो होरमुज फिर बंद हो सकता है। और अगर होरमुज बंद हुआ, तो तेल, गैस और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर झटका लग सकता है। यानी यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है, यह पूरी दुनिया की धड़कनों पर असर डालने वाला संकट बन चुका है।

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First Published - April 7, 2026 | 9:06 AM IST

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