ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बुधवार को कहा कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों को जब्त कर उन्हें ईरान के तट की ओर मोड़ दिया है। साथ ही चेतावनी दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग में “व्यवस्था और सुरक्षा को बाधित करने” की किसी भी कोशिश को रेड लाइन माना जाएगा।
ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक, IRGC नौसेना के आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए बताया गया कि MSC Francesca और Epaminondas नाम के जहाजों को जब्त कर ईरानी बंदरगाहों की ओर भेज दिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC ने इस क्षेत्र में एक तीसरे जहाज को भी निशाना बनाया। IRGC से जुड़े फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि Euphoria नामक जहाज पर हमला हुआ और वह अब ईरान के तट के पास फंसा हुआ है।
एनबीसी न्यूज के मुताबिक मरीनट्रैफिक के डेटा से पता चला कि जहाज ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण से गुजरा। इसके बाद उसने होर्मुज स्ट्रेट में कई बार दिशा बदली। दोपहर करीब 3:00 बजे (IST) इसकी गति घटकर 1 नॉटिकल मील प्रति घंटे से भी कम हो गई।
करीब 3:50 बजे (IST) के बाद मिली आखिरी लोकेशन के अनुसार, यह जहाज ओमान और ईरान के बीच था। यह बाकी दो जहाजों से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण में मौजूद था।
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इसके उलट, ट्रैकिंग सिग्नलों से पता चला कि Francesca, जो पनामा-ध्वज वाला कार्गो जहाज है, और Epaminondas, जो लाइबेरिया के झंडे के तहत चलता है, दोनों ईरान के तट से 10 नॉटिकल मील से भी कम दूरी पर थे। इससे पहले ये दोनों जहाज पर्शियन गल्फ से स्ट्रेट की ओर आते समय AIS ट्रैकिंग से गायब हो गए थे।
डेटा से यह भी संकेत मिला कि दोनों जहाज कम से कम 18 अप्रैल से खाड़ी क्षेत्र में मौजूद थे और बाद में ईरानी जलक्षेत्र के पास फिर से दिखाई दिए।
ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाएंगे, ताकि वहां के नेता “एक संयुक्त प्रस्ताव” तैयार कर सकें। हालांकि, तेहरान के विरोध के बावजूद नौसैनिक नाकेबंदी अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि बातचीत के निष्कर्ष तक यह संघर्षविराम लागू रहेगा।