facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Israel Hamas War: गाजा में सहायता गोदामों पर आटा, खाने-पीने की चीजों के लिए टूट पड़े लोग

हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल पर हमला किए जाने के बाद शुरू हुए युद्ध के तीन सप्ताह बाद, इस सप्ताहांत इजराइली टैंक और पैदल सेना ने गाजा में प्रवेश किया।

Last Updated- October 29, 2023 | 7:59 PM IST

फलस्तीनियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि हजारों लोग ‘आटा’ और रोजमर्रा की जरूरत की अन्य वस्तुएं लेने के लिए गाजा में राहत सहायता गोदामों पर टूट पड़े।

गाजा में फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के निदेशक थॉमस व्हाइट ने रविवार को कहा कि जिस तरह से लोग गोदामों पर टूट पड़े, यह चिंताजनक है, और संकेत देता है कि इजराइल और हमास के बीच तीन सप्ताह के युद्ध के बाद नागरिक आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त होनी शुरू हो गई है।

हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल पर हमला किए जाने के बाद शुरू हुए युद्ध के तीन सप्ताह बाद, इस सप्ताहांत इजराइली टैंक और पैदल सेना ने गाजा में प्रवेश किया।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसी के साथ युद्ध के ‘दूसरे चरण’ की घोषणा कर दी। गाजा में शुक्रवार को हुई अबतक की सबसे भीषण बमबारी के कारण अधिकांश संचार व्यवस्था ठप्प हो गई थी। इसकी वजह से गाजा में रहने वाले 23 लाख लोगों का दुनिया के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया था, लेकिन रविवार तड़के गाजा के अधिकांश हिस्सों में संचार बहाल कर दिया गया।

इजराइली सेना ने रविवार को कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में 450 से अधिक आतंकी ठिकानों पर हमले किये हैं, जिनमें हमास का कमान केंद्र, निगरानी चौकियां और टैंक रोधी मिसाइल दागे जाने वाले स्थल शामिल हैं। सेना ने बताया कि उसने रात में और भी सैनिक गाजा भेजे हैं।

इस एजेंसी को यूएनआरडब्ल्यूए के नाम से जाना जाता है और यह गाजा में लाखों लोगों को बुनियादी सेवाएं मुहैया करती है। क्षेत्र में इसके सभी स्कूल भवन संघर्ष से विस्थापित हुए फलस्तीनियों से खचाखच भरे हुए हैं।

यूएनआरडब्ल्यूए ने बताया कि इजराइल ने सीमित मात्रा में राहत सामग्री मिस्र की सीमा के रास्ते गाजा के अंदर जाने देने की अनुमति दी है। कुछ वस्तुएं एक गोदाम में रखी हुई थीं, जहां लोग टूट पड़े।

एजेंसी के गाजा में निदेशक थॉमस व्हाइट ने कहा कि लोगों की भीड़ ‘‘तीन सप्ताह से जारी युद्ध और गाजा की कड़ी घेराबंदी के बाद नागरिक आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त होने लगी है। लोग डरे हुए, निराश और हताश हैं।’’ एजेंसी की प्रवक्ता जुलियट ताउमा ने कहा कि भीड़ शनिवार को चार गोदामों पर टूट पड़ी।

उन्होंने कहा कि गोदामों में ईंधन नहीं है, जिसकी कमी इजराइली घेराबंदी के बाद पैदा हुई है क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद सभी आपूर्ति काट दी गई है। इस बीच, गाजा के सबसे बड़े शिफा अस्पताल के पास रहने वाले लोगों ने कहा कि शनिवार रात इजराइल ने अस्पताल के पास हवाई हमले किए, जिससे अस्पताल जाने वाली कई सड़कें बाधित हो गईं।

वहीं, इजराइल ने अस्पताल के नीचे हमास का एक गुप्त कमान केंद्र होने का आरोप लगाया है। शिफा अस्पताल में हजारों लोगों ने शरण ले रखी है और हमले में घायल मरीजों से भी यह खचाखच भरा हुआ है।

अस्पताल में शरण लिए महमूद अल सावाह ने फोन पर बताया, ‘‘अस्पताल पहुंचना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।’’ फलस्तीन में सेवारत रेड क्रिसेंट रेस्क्यू सर्विस ने बताया कि गाजा शहर के एक अन्य अस्पताल को रविवार को इजराइली अधिकारियों से दो फोन आए और उसे खाली करने का आदेश दिया।

इसमें कहा गया है कि हवाई हमले अल-कुद्स अस्पताल से करीब 50 मीटर (गज) की दूरी पर हुए हैं, जहां 12,000 लोग शरण लिए हुए हैं। इजराइल ने एक सप्ताह से अधिक समय पहले अस्पताल को खाली करने का आदेश दिया था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने यह कहते हुए इमारत को खाली करने से इनकार कर दिया कि इससे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखे मरीजों की मौत हो सकती है।

First Published - October 29, 2023 | 7:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट