ईरान ने शुक्रवार तड़के कुवैत की एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया और इजरायल में हमलों की चेतावनी के रूप में सायरन बजने लगे। वहीं, फारसी नववर्ष के अवसर पर तेहरान में इजरायली हमलों से भयावह विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाला यह युद्ध तीसरे सप्ताह के अंत के करीब पहुंच गया है और ईरान खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा संरचना पर अपने हमलों में कोई कमी करता नहीं दिख रहा।
कुवैत ने कहा कि मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर सिलसिलेवार ढंग से दो बार हुए ड्रोन हमलों के कारण आग लग गई और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए काम कर रहे हैं। यह रिफाइनरी गुरुवार को ईरान के एक अन्य हमले में पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 7,30,000 बैरल तेल शोधित करने की है। यह फारस की खाड़ी में स्थित छोटे एवं तेल-समृद्ध राष्ट्र कुवैत में स्थित तीन तेल रिफाइनरियों में से एक है। फारस की खाड़ी स्थित ईरान के विशाल साउथ पार्स अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर बुधवार को इजरायल द्वारा बमबारी किए जाने के बाद ईरान ने खाड़ी अरब देशों में ऊर्जा ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए।
इजरायली सेना द्वारा ईरानी मिसाइल दिखने की चेतावनी जारी किए जाने के बाद यरुशलम में भी जोरदार धमाके सुने गए। ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक बयान में कहा कि ईरान के दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की जरूरत है। मोजतबा खामेनेई युद्ध के पहले दिन इजरायल के हमले में मारे गए अपने पिता, 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लिए जाने के बाद से नजर नहीं आए हैं। उनकी यह टिप्पणी उनकी ओर से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को भेजे गए एक बयान में आई।
ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि दुनियाभर के ‘पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल’ तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे। जनरल अबोलफजल शेखरची ने शुक्रवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि ईरान अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों से लगातार प्रभावित हो रहा है। इससे इस बात की चिंता फिर से बढ़ सकती है कि जैसे-जैसे युद्ध जारी रहेगा, ईरान दबाव बनाने की रणनीति के रूप में पश्चिम एशिया से बाहर आतंकवादी हमलों का सहारा ले सकता है।