facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ताइवान के आसपास व्यापक सैन्य अभ्यास ‘‘एक कड़ी चेतावनी’’ : चीन

Advertisement
Last Updated- April 12, 2023 | 1:47 PM IST
China

चीन का कहना है कि ताइवान के आसपास उसका व्यापक स्तर पर किया गया सैन्य अभ्यास द्वीप राष्ट्र को ‘‘एक कड़ी चेतावनी’’ है।

चीन के ताइवान से जुड़े मामलों के कार्यालय की प्रवक्ता झू फेंगलियन ने कहा, ‘‘ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने हाल ही में ताइवान जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में कई अभ्यास किए, जो ताइवान की स्वतंत्रता की समर्थक अलगाववादी ताकतों और बाहरी ताकतों की मिलीभगत और उकसावे के खिलाफ एक गंभीर चेतावनी है।’’

झू फेंगलियन ने कहा, ‘‘ देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए यह एक आवश्यक कार्रवाई है।’’ चीन का तीन दिवसीय व्यापक अभ्यास सोमवार को समाप्त हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी की ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से पिछले सप्ताह कैलिफोर्निया में मुलाकात के बाद चीन की ओर से यह आक्रामक कार्रवाई की गई।

चीन का दावा है कि ताइवान उसका हिस्सा है और यदि जरूरत पड़ी तो वह बल के दम पर उसे अपने नियंत्रण में लेगा। वह नियमित रूप से जहाजों और युद्धक विमानों को द्वीप के पास हवाई तथा समुद्री क्षेत्र में भेज रहा है।

ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने पिछले 24 घंटे के भीतर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के युद्धक विमानों की 35 उड़ानों और द्वीप के आसपास के पानी में नौसेना के आठ जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया है।

चीन ताइवान के सरकारी संस्थानों को मान्यता नहीं देता है और उसने साई के प्रशासन से सभी तरह के संपर्क तोड़ रखे हैं। वह साई पर नियमित रूप से बाहरी समर्थन के साथ औपचारिक स्वतंत्रता की साजिश रचने का आरोप लगाता है – जिसे आमतौर पर अमेरिका के संदर्भ में देखा जाता है।

झू ने कहा, ‘‘ बाहरी ताकतें ताइवान का एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर चीन को रोकने के अपने प्रयास तेज कर रही हैं।’’ झू ने चीन के उस दावे को दोहराया कि उसकी सैन्य कार्रवाई ‘‘ ताइवान की स्वतंत्रता, अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप के खिलाफ है… यह ताइवान में हमारे हमवतनों के खिलाफ नहीं है।’’

गौरतलब है कि चीन सरकार दावा करती है कि ताइवान उसके राष्ट्रीय क्षेत्र का हिस्सा है, जबकि ताइवान की वर्तमान सरकार का कहना है कि यह स्वशासित द्वीप पहले से ही संप्रभु राष्ट्र है और चीन का हिस्सा नहीं है।

Advertisement
First Published - April 12, 2023 | 1:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement