Middle East Conflict: दुबई पोर्ट के एंकरज क्षेत्र में सोमवार को एक बड़े कच्चे तेल से भरे टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई और जहाज के ढांचे को नुकसान पहुंचा। कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प के हवाले से यह जानकारी दी है। कंपनी ने संभावित तेल रिसाव की आशंका भी जताई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि यह हमला हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी में एक और घटना है। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इस खबर के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। यूएस क्रूड फ्यूचर्स में 3 डॉलर से ज्यादा यानी करीब 2.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और कीमत 105.91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। जिस टैंकर पर हमला हुआ, उसका नाम अल सल्मी बताया जा रहा है और वह कुवैत के झंडे वाला जहाज है।
दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि उसके समुद्री क्षेत्र में एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ है। आग बुझाने के लिए समुद्री फायर फाइटिंग टीमें मौके पर काम कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है और जहाज पर मौजूद सभी 24 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प ने कहा है कि टैंकर को हुए नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, वह इस जहाज के मालिक और संचालन से जुड़ी मुख्य संस्था है। ईरान के अधिकारियों से इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
सोमवार को इससे पहले एक ग्रीक स्वामित्व वाले कंटेनर जहाज ने सऊदी अरब के रास तनूरा तट के पास दो अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जहाज के पास पानी में दो प्रोजेक्टाइल गिरे।
लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज एक्सप्रेस रोम के एक प्रतिनिधि ने बताया कि रास तनूरा से लगभग 22 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व दिशा में दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल पानी में गिरे। यह घटनाएं एक घंटे के भीतर हुईं। ब्रिटेन की समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी वैनगार्ड के अनुसार, जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
वैनगार्ड ने यह भी कहा कि इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने 11 मार्च को एक्सप्रेस रोम पर हमले का दावा किया था।
एक्सप्रेस रोम के ऑपरेटर की ओर से इस घटना पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। तेल टैंकर या इन प्रोजेक्टाइल हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी समूह ने नहीं ली है।