facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Natural Disaster: बांग्लादेश के तटीय हिस्सों में ‘Remal’ का कहर, 10 लोगों की मौत

Advertisement

विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे सागर द्वीप से 150 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित चक्रवाती तूफान की वजह से मूसलाधार बारिश हुई।

Last Updated- May 27, 2024 | 10:42 PM IST
Cyclone Storm

चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के बांग्लादेश के तटीय इलाकों में पहुंचने के बाद कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी और लाखों लोगों को बिना बिजली के रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। ‘रेमल’ के तट से टकराने पर 120 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और सैकड़ों गांवों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने बताया कि ‘रेमल’ सोमवार की सुबह थोड़ा कमजोर हुआ और हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गयी। चक्रवाती तूफान रविवार मध्यरात्रि तट से टकराया था।

विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे सागर द्वीप से 150 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित चक्रवाती तूफान की वजह से मूसलाधार बारिश हुई। हालांकि उत्तरपूर्व की दिशा में आगे बढ़ते हुए ‘रेमल’ कमजोर पड़ने लगा। ‘रेमल’ इस वर्ष के मानसून के मौसम से पहले बंगाल की खाड़ी में बना पहला चक्रवाती तूफान है।

मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों का नामकरण करने वाली प्रणाली विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार, ओमान ने चक्रवात का नाम ‘रेमल’ (अरबी में रेत) रखा है। चक्रवाती तूफान ने बांग्लादेश के समुद्रतटों तहस-नहस कर दिया, हजारों मकान नष्ट हो गए, समुद्री दीवारें टूट गईं, और दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाकों के कई गांवों और कस्बों में बाढ़ आ गई।

बांग्लादेश के कनिष्ठ आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्री मोहिबुर रहमान ने कहा कि आधिकारिक गणना के अनुसार अब तक 10 लोग मारे गए हैं, जबकि तूफान ने 35 से अधिक घरों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है और 37.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रहमान ने संवाददाताओं से कहा, “चक्रवात में कम से कम 10 लोग मारे गए।” चक्रवाती तूफान के साथ तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई, जिसका प्रभाव बारिसल, भोला, पटुआखली, सतखिरा और चट्टोग्राम सहित अन्य क्षेत्रों में दिखा।

पटुआखली में अपनी बहन और चाची को आश्रय स्थल लाने के लिए घर लौट रहा एक व्यक्ति तूफान के कारण पानी की तेज धार में बह गया। सतखिरा में तूफान के दौरान बचने के लिए भागते समय गिरने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। ढाका के सोमोय टीवी की खबर के मुताबिक, बारिसल, भोला और चट्टोग्राम में पांच लोगों की मौत हो गयी।

वहीं मोंगला में एक ट्रॉलर डूब गया, जिससे एक बच्चा समेत दो लोग लापता हो गए। बीडी न्यूज की खबर के अनुसार, ग्रामीण विद्युत प्राधिकरण ने ‘रेमल’ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए तटीय क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ लोगों के घरों की बिजली काट दी।

खबर के मुताबिक, कुछ इलाकों में बिजली की कटौती 12 घंटे से अधिक समय तक जारी रही हालांकि बिजली कर्मचारी तूफान का प्रकोप कम होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने की तैयारी में जुटे हैं। बांग्लादेश ग्रामीण विद्युतीकरण बोर्ड के मुख्य अभियंता (योजना और संचालन) विश्वनाथ सिकदर ने बताया कि तटीय इलाकों में पूर्वाह्न नौ बजकर 45 मिनट तक तूफान का प्रभाव जारी रहा। उन्होंने अनुमान लगाया कि प्रभावित क्षेत्रों में कुल मिलाकर लगभग डेढ़ करोड़ लोग बिजली कटौती से प्रभावित हुए।

Advertisement
First Published - May 27, 2024 | 10:42 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement