facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NSA अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

Advertisement
Last Updated- February 10, 2023 | 12:59 PM IST
NSA Doval will go to China for special representative talks विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए चीन जाएंगे एनएसए डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बृहस्पतिवार को मॉस्को में विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के क्रियान्वयन की दिशा में काम करते रहने पर सहमति जताई। दूतावास ने ट्विटर कर कहा कि एनएसए डोभाल ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की।

ट्वीट में कहा गया है, “विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के क्रियान्वयन की दिशा में काम करते रहने पर सहमति बनी।” विदेश मंत्रालय ने देर रात एक बयान में कहा कि एनएसए डोभाल ने रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव और रूस के अपने समकक्ष निकोलई पेत्रुशेव से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय रक्षा एवं आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

रूसी राष्ट्रपति के आवास क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन ने अफगानिस्तान पर बहुपक्षीय चर्चा में भाग लेने आए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों से मुलाकात की है। डोभाल ने बुधवार को अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषदों के सचिवों/एनएसए की पांचवीं बैठक में शिरकत की।

यह बैठक रूस ने आहूत की है। क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने कहा, “ हम इस बात से भी चिंतित हैं कि गैर क्षेत्रीय ताकतें अफगानिस्तान के हालात का इस्तेमाल कर अपने आधारभूत ढांचा का विस्तार या उनके निर्माण की कोशिश कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “ ये देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने के बहाने से ये करेंगे लेकिन वे ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं जो वास्तविक तौर पर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए असल में जरूरी है।” पुतिन ने कहा, “ ज़ाहिर तौर पर देश के हालात सुधार नहीं रहे हैं और हम यह देख रहे हैं। मानवीय स्थिति बदतर हो रही है।”

डोभाल ने बैठक में कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद तथा कट्टरपंथ फैलाने के लिए अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल करने नहीं दिया जाना चाहिए और भारत अफगानिस्तान के लोगों को जरूरत के वक्त कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। बैठक में रूस और भारत के अलावा, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने सोमवार को कहा था कि रूस, भारत के साथ अपने संबंधों में और विविधता लाना चाहता है। एनएसए की यात्रा से करीब तीन महीने पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने आर्थिक संबंधों को विस्तार देने का संकल्प लिया था जिसमें भारत द्वारा रूस से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात भी शामिल है।

डोभाल जी-20 के विदेश मंत्रियों की दिल्ली में कुछ हफ्तों बाद होने वाली बैठक से पहले रूस गए हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव एक और दो मार्च होने वाली बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं।

Advertisement
First Published - February 10, 2023 | 10:27 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement