Brent Crude Price: ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत गुरुवार सुबह $125 प्रति बैरल के पार पहुंच गई। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने और युद्ध के स्थायी अंत को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
जून डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 6.2% बढ़कर $125.36 प्रति बैरल हो गया। वहीं जुलाई डिलीवरी वाला ब्रेंट 3.1% बढ़कर $113.85 प्रति बैरल पर पहुंच गया। फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब $70 प्रति बैरल के आसपास थी।
ईरान युद्ध अब नौवें सप्ताह में पहुंच गया है और इसके खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
गुरुवार को आई रिपोर्ट्स में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा तनाव बढ़ाने की संभावना जताई गई, जिससे जल्द समाधान की उम्मीद और कमजोर हो गई। ING बैंक के रणनीतिकार वॉरेन पैटरसन और ईवा मैनथे ने एक रिसर्च नोट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत टूटने और ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के प्रस्ताव को ठुकराने की खबरों से बाजार को तेल आपूर्ति जल्द बहाल होने की उम्मीद नहीं रही।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट पर कमजोर प्रदर्शन के बाद अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.6 प्रतिशत गिरकर 58,967.07 पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.1 प्रतिशत गिरकर 6,615.51 पर पहुंच गया।
हांगकांग का हैंग सेंग 1.3 प्रतिशत गिरकर 25,772.50 पर आ गया, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 4,109.99 पर रहा। आधिकारिक सर्वे के अनुसार, ईरान युद्ध से पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा झटके के बावजूद चीन की फैक्ट्री गतिविधि अप्रैल में थोड़ी धीमी हुई, लेकिन लगातार दूसरे महीने विस्तार क्षेत्र में बनी रही।
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिरकर 8,665.50 पर आ गया। ताइवान का ताइएक्स 0.1 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि भारत का सेंसेक्स 1.2 प्रतिशत गिर गया।