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Crude Oil Prices: मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग, तेल की कीमतों में आया उछाल

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तेल सप्लाई पर मंडराया संकट, इजरायल-लेबनान तनाव से वैश्विक बाजार में बढ़ी चिंता

Last Updated- June 01, 2026 | 8:04 AM IST
crude oil

Crude Oil Prices: इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। इजरायल ने अपने सैनिकों को लेबनान के अंदर और आगे बढ़ने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई ईरान समर्थित हिजबुल्लाह संगठन के खिलाफ की जा रही है। अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) का भाव 2.17 डॉलर या 2.48 प्रतिशत बढ़कर 89.53 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड 1.93 डॉलर या 2.12 प्रतिशत चढ़कर 93.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

युद्धविराम बढ़ने की उम्मीदों को झटका

यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने हाल ही में वॉशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी की थी। बढ़ते संघर्ष के कारण अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने की उम्मीदों को झटका लगा है। पिछले शुक्रवार को इसी उम्मीद के चलते ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों तेल कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी।

मार्च से जारी है संघर्ष

इजरायल-लेबनान संघर्ष, ईरान युद्ध का सबसे बड़ा असर माना जा रहा है। इसकी शुरुआत 2 मार्च को हुई थी, जब हिजबुल्लाह ने अपने सहयोगी ईरान के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले शुरू किए थे। दोनों पक्ष अप्रैल के मध्य में युद्धविराम पर सहमत हुए थे, लेकिन इसके बावजूद सीमा पर हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रही।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता

बाजार की चिंता का एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण जलमार्ग को पूरी तरह खोलने में समय लग सकता है। इससे तेल सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है।

चीन की कमजोर आर्थिक गतिविधियों का असर सीमित

वीकेंड में आए आंकड़ों से पता चला कि चीन के कारखानों की गतिविधियों में सुस्ती बनी हुई है। निर्यात में कमजोरी और बढ़ती लागत के कारण दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, बाजार में तेल सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर इतना बड़ा रहा कि निवेशकों ने कमजोर आर्थिक आंकड़ों को नजरअंदाज कर दिया और तेल की कीमतें ऊपर चली गईं।

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First Published - June 1, 2026 | 7:51 AM IST

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