facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पाकिस्तान की अदालत ने इमरान और उनकी पत्नी पर राजनीतिक भड़काऊ बयान देने पर रोक लगायी

Advertisement

अदालती आदेश के अनुसार ऐसे बयानों से न्यायिक अनुशासन बाधित होता है एवं न्यायिक कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।

Last Updated- April 25, 2024 | 10:53 PM IST
Imran Khan warned his candidates: Start election campaign otherwise tickets will be cut

पाकिस्तान की एक अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर सेना समेत विभिन्न राजकीय संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ बयान जारी करने को लेकर बृहस्पतिवार को पाबंदी लगा दी।

निष्पक्ष सुनवाई की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश बसीर जावेद ने यह भी कहा कि मीडिया को अपनी रिपोर्टिंग अदालत की कार्यवाही तक सीमित रखनी चाहिए और उसे आरोपियों के बयानों की रिपोर्टिंग नहीं करनी चाहिए।

‘दि एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने खबर दी है कि आदेश के मुताबिक पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक खान ने सेना, न्यायपालिका एवं सेना प्रमुख समेत राजकीय संस्थाओं के विरूद्ध भड़काऊ राजनीतिक बयान दिया था। अदालती आदेश के अनुसार ऐसे बयानों से न्यायिक अनुशासन बाधित होता है एवं न्यायिक कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।

इस आदेश में कहा गया है कि पीटीआई संस्थापक की सुनवाई के दौरान मीडिया आरोपियों के बयानों पर नहीं, बल्कि अदालती कार्यवाही तक अपनी रिपोर्टिंग सीमित रखेगी। अपने आदेश में अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष, आरोपी एवं उनके वकील ऐसा कोई राजनीतिक एवं भड़काऊ बयान नहीं दें जिनसे अदालती अनुशासन बाधित हो।

खान ने अडियाला जेल में मीडियाकर्मियों से संवाद के दौरान कहा था, ‘‘लोकतंत्र कानून की सर्वोच्चता तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की धुरी पर टिका है लेकिन हमने जो कुछ देखा वह जंगल कानून था। पंजाब के उपचुनावों में पुलिस का दखल बहुत ही चिंताजनक है।’’

Advertisement
First Published - April 25, 2024 | 10:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement