facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पाकिस्तान ने एयरलाइन फंड में रोके 8.3 करोड़ डॉलर : आईएटीए

Advertisement

पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों देश अक्टूबर 2024 में धन रोकने वाले शीर्ष पांच देशों में से थे।

Last Updated- June 01, 2025 | 11:09 PM IST
Pakistan

गंभीर आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा की भारी तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने विमानन कंपनियों के 8.3 करोड़ डॉलर अब भी रोक रखे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को टिकट बिक्री और अन्य कामकाज से होने वाली कमाई वापस अपने देश भेजने में देरी हो रही है।

दिल्ली में अपनी सालाना बैठक से इतर जारी ताजा अपडेट में इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने बताया कि अप्रैल के अंत तक दुनिया भर की सरकारों ने कुल 1.3 अरब डॉलर एयरलाइन फंड रोक रखा है। हालांकि यह अक्टूबर 2024 के 1.7 अरब डॉलर से कम है। कुल रोकी गई राशि का 80 प्रतिशत से अधिक सिर्फ 10 देशों के पास है, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।

लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट के कारण पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर लगातार दबाव बना हुआ है और डॉलर को बाहर भेजने पर प्रतिबंध जैसे पूंजी नियंत्रण कदम प्रमुख नीतिगत उपाय  बन गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है लेकिन ये विदेशी विमानन कंपनियों के सुचारू संचालन और उनकी वैध कमाई को स्वदेश भेजने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।

आईएटीए के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा, ‘राजस्व की समय पर वापसी विमानन कंपनियों के लिए डॉलर खर्चों को पूरा करने और अपने परिचालन को बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा, ‘देरी और इनकार द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन हैं और इससे विनिमय दर का जोखिम बढ़ता है। सरकारों को यह समझना चाहिए कि जब राजस्व स्वदेश भेजने से इनकार किया जाता है या उसमें देरी होती है तो विमानन कंपनियों के लिए कनेक्टिविटी बनाए रखना चुनौती होती है।’

पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों देश अक्टूबर 2024 में धन रोकने वाले शीर्ष पांच देशों में से थे। हालांकि इसमें थोड़ा सुधार हुआ है। पाकिस्तान का बकाया 31.1 करोड़ डॉलर से घटकर 8.3 करोड़ डॉलर रह गया है जबकि बांग्लादेश ने अपनी लगभग आधी बकाया राशि चुका दी है जिससे उसका कुल बकाया 9.2 करोड़ डॉलर रह गया है। फिर भी, आईएटीए ने जोर देकर कहा कि जारी प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं।

आईएटीए  ने सभी सरकारों से अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करने और यह सुनिश्चित करने की अपील दोहराई है कि विमानन कंपनियों की उनके राजस्व तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। एसोसिएशन ने कहा, ‘अर्थव्यवस्थाएं और नौकरियां अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी पर निर्भर करती हैं।’

मोजाम्बिक अब एयरलाइन फंड को रोकने वाला शीर्ष देश बन गया है। उसके पास 20.5 करोड़ डॉलर फंसे हुए हैं जो अक्टूबर 2024 के 12.7 करोड़ डॉलर से काफी अधिक है। सूची के अन्य देशों में अल्जीरिया (17.8 करोड़ डॉलर), लेबनान (14.2 करोड़ डॉलर), अंगोला (8.4 करोड़ डॉलर), और जिम्बाब्वे (6.8 करोड़ डॉलर) शामिल हैं। अफ्रीका और पश्चिम एशिया क्षेत्र में कुल रोकी गई राशि करीब 1.1 अरब डॉलर है।

Advertisement
First Published - June 1, 2025 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement