facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अब भी नाजुक, IMF से मांग सकता है और कर्ज

Advertisement

अख्तर ने कहा, ‘‘ देश इसके बिना नहीं बचेगा। संभवतः हमें एक और ईएफएफ (विस्तारित फंड सुविधा) चाहिए होगी। हम आईएमएफ के साथ बने रहेंगे।’’

Last Updated- November 17, 2023 | 1:24 PM IST
European Economy- यूरोप की अर्थव्यवस्था
Representative Image

पाकिस्तान की कार्यवाहक वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने कहा कि सुधार के बावजूद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था नाजुक बनी हुई है और नकदी संकट से जूझ रहे देश को कुछ समय के लिए आईएमएफ से अधिक ऋण लेना होगा। शुक्रवार को खबर में यह बात कही गई।

समाचार पत्र ‘डॉन’ में की खबर के अनुसार, अख्तर ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेड़े वित्त सुधार करने की जरूरत है।

अख्तर ने कहा, ‘‘ अगला अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रम बेहद जरूरी है, क्योंकि अर्थव्यवस्था में स्थिरता आई है लेकिन यह अब भी बहुत नाजुक है। जब तक हम निर्यात तथा घरेलू संसाधनों को बढ़ाने में सक्षम नहीं हो जाते, हमें एक और कार्यक्रम की आवश्यकता होगी।’’

उन्होंने यह टिप्पणी पाकिस्तान सरकार और आईएमएफ द्वारा कर्मचारी स्तर के समझौते के साथ जारी तीन अरब अमेरिकी डॉलर के ‘स्टैंड-बाय’ समझौते की समीक्षा के समापन के एक दिन बाद की। इस समझौते से पाकिस्तान को दूसरी किश्त में 70 करोड़ अमेरिकी डॉलर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक सुधारों के अलावा अब कोई और विकल्प नहीं है।

अख्तर ने कहा, ‘‘ देश इसके बिना नहीं बचेगा। संभवतः हमें एक और ईएफएफ (विस्तारित फंड सुविधा) चाहिए होगी। हम आईएमएफ के साथ बने रहेंगे।’’

Advertisement
First Published - November 17, 2023 | 1:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement