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Pakistan के सुप्रीम कोर्ट ने वकील की हत्या मामले में Imran Khan की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

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वरिष्ठ वकील अब्दुल रज्जाक शार की छह जून को बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। वकील के बेटे की शिकायत पर FIR में खान को नामजद किया।

Last Updated- July 24, 2023 | 6:41 PM IST
इमरान खान और कुरैशी को हाई-प्रोफाइल कैदी का दर्जा, जेल में करना होगा काम , Pakistan: Imran Khan and Qureshi given the status of high-profile prisoners, will have to work in jail

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने क्वेटा में एक वरिष्ठ वकील की हत्या से जुड़े मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की सोमवार को पेशी के बाद नौ अगस्त तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। ‘डॉन’ अखबार की खबर के अनुसार, न्यायमूर्ति याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख खान की मामले को रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किए।

वरिष्ठ वकील अब्दुल रज्जाक शार की छह जून को बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी, जब वह बलूचिस्तान उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण सुनवाई के लिए अदालत जा रहे थे। एक दिन बाद, पुलिस ने मामला दर्ज किया और वकील के बेटे की शिकायत पर FIR में खान को नामजद किया।

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शार ने बलूचिस्तान उच्च न्यायालय में खान के खिलाफ एक याचिका दायर की थी, जिसमें राजद्रोह से संबंधित अनुच्छेद छह के तहत पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्यवाही का अनुरोध किया गया था। संघीय सरकार और खान की पार्टी ने इस घटना को लेकर एक-दूसरे पर दोषारोपण करते हुए हत्या में भूमिका होने का आरोप लगाया था।

‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सहयोगी अताउल्लाह तरार ने आरोप लगाया था कि राजद्रोह के मामले में जवाबदेही से बचने के लिए खान के इशारे पर शार की हत्या की गई। वहीं, खान की पार्टी के प्रवक्ता रऊफ हसन ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह पर हत्या में भूमिका होने का आरोप लगाया था।

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आतंकवाद रोधी अदालत (ATC) ने मामले में खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसे बाद में बलूचिस्तान उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, खान (70) ने हत्या के मामले में खुद को आरोपी बनाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत ने 20 जुलाई को मामले की पिछली सुनवाई के दौरान, खान को प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने से पहले व्यक्तिगत रूप से पीठ के सामने पेश होने का आदेश दिया था।

सोमवार की सुनवाई के दौरान खान अपने वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई की शुरुआत में, बलूचिस्तान के महाधिवक्ता ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि याचिकाकर्ता को हत्या की जांच के लिए गठित संयुक्त जांच दल (JIT) के सामने पेश होने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने कहा कि वह अब ऐसा कोई आदेश जारी नहीं करेगी। पीठ ने पुलिस को मामले में खान की गिरफ्तारी से रोक दिया और कार्यवाही नौ अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

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First Published - July 24, 2023 | 6:41 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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