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रूस की अहमियत साबित करेंगे पुतिन

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पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि 32 देशों ने भागीदारी की पुष्टि की है और 20 से अधिक देश इसमें अपने शासन प्रमुखों को भेजेंगे।

Last Updated- October 21, 2024 | 10:33 PM IST
Vladimir Putin

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित दुनियाभर के कई नेताओं की मेजबानी करेंगे। ये सभी नेता ‘ब्रिक्स’ समूह के शिखर सम्मेलन के लिए मंगलवार को रूस के शहर कजान में होंगे और इसी के साथ यूक्रेन में जारी युद्ध एवं पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट की वजह से रूस के राष्ट्रपति के अलग-थलग पड़ने की संभावनाएं खारिज हो जाएंगी।

विकासशील देशों के समूह ‘ब्रिक्स’ का उद्देश्य पश्चिमी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था को संतुलित करना है। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे लेकिन इस साल इसका तेजी से विस्तार हुआ। ईरान, मिस्र, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जनवरी में इसमें शामिल हुए। तुर्किये, अजरबैजान और मलेशिया ने इसमें शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया है तथा कई अन्य देशों ने सदस्य बनने की इच्छा व्यक्त की है।

रूसी अधिकारी इसे पहले से ही एक बड़ी सफलता के रूप में देख रहे हैं। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि 32 देशों ने भागीदारी की पुष्टि की है और 20 से अधिक देश इसमें अपने शासन प्रमुखों को भेजेंगे।

उशाकोव ने कहा कि पुतिन लगभग 20 द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और यह शिखर सम्मेलन रूसी धरती पर ‘अब तक का सबसे बड़ा विदेश नीति कार्यक्रम’ बन सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम के साथ जारी तनाव के बीच इस सम्मेलन के जरिये रूस यह दिखाने की कोशिश करेगा कि वह अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

इसके साथ ही वह रूस की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उसके युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए उनके साथ समझौते भी करना चाहेगा। सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य देशों के लिए यह अपनी बात रखने का एक मौका होगा।

‘कार्नेगी रूस यूरेशिया सेंटर’ के निदेशक अलेक्जेंडर गबुयेव ने कहा, ‘ब्रिक्स की खूबसूरती यह है कि यह आप पर बहुत अधिक दायित्व नहीं डालता है।’ गबुयेव ने कहा कि पुतिन के लिए यह शिखर सम्मेलन व्यक्तिगत रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें अलग-थलग करने के पश्चिमी प्रयासों की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन देश और विदेश में यह प्रदर्शित करेगा कि ‘रूस वास्तव में एक अहम खिलाड़ी है जो ऐसे नए समूह का नेतृत्व कर रहा है जो पश्चिमी प्रभुत्व को समाप्त करेगा।’

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First Published - October 21, 2024 | 10:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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