facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, रिपोर्ट में दावा: वार्ता विफल होने से नाखुश, बेटे की शादी में भी नहीं जाएंगे

Advertisement

शांति वार्ता में प्रगति न होने से नाराज ट्रंप ईरान पर बड़े सैन्य हमले पर विचार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस में रहने के लिए वो अपने बेटे की शादी में भी नहीं जा रहे हैं

Last Updated- May 23, 2026 | 11:57 AM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सियोस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर एक बार फिर नए और बड़े हमले करने पर “गंभीरता से विचार” कर रहे हैं। ट्रंप ने साफ किया है कि अगर आखिरी समय में चल रही शांति वार्ता से कोई समाधान नहीं निकला, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनेगा। तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वीकेंड होने वाली अपने बेटे जूनियर डॉनल्ड ट्रंप की शादी में जाने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया है, ताकि वे व्हाइट हाउस में रहकर स्थिति पर नजर रख सकें।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि सरकार से जुड़े हालातों और देश के प्रति अपने कर्तव्य के कारण वह इस वीकेंड वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस में ही रुकेंगे और अपने बेटे की शादी में शामिल नहीं हो पाएंगे। पहले वे न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब में वीकेंड बिताने वाले थे, लेकिन शुक्रवार शाम को वे वापस व्हाइट हाउस लौट आए।

व्हाइट हाउस में आपात बैठक और अंतिम दौर की कूटनीति

शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपनी सीनियर नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ एक बेहद अहम बैठक की। दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस बैठक में ईरान के साथ जारी युद्ध और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।

व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, “ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। देखते हैं आगे क्या होता है। लेकिन हमने उन पर कड़ा प्रहार किया है और हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।”

दूसरी तरफ, युद्ध को रोकने के लिए आखिरी दौर की राजनयिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर इस वक्त तेहरान (ईरान) के दौरे पर हैं, जहां उनके साथ कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी शांति समझौता कराने की कोशिशों में जुटा है।

Also Read: डॉनल्ड ट्रंप का चीन के मामले में समर्पण: क्या ड्रैगन को घेरने की अमेरिकी नीति पूरी तरह नाकाम?

मुनीर शनिवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल अहमद वाहिदी से मुलाकात कर सकते हैं, जो ईरान के नीतिगत फैसलों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि, बातचीत से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने इन वार्ताओं को “बेहद कष्टदायक” बताया है। उन्होंने कहा कि हर दिन मसौदे (ड्राफ्ट्स) का आदान-प्रदान तो हो रहा है, लेकिन कोई बड़ी प्रगति नहीं दिख रही है।

स्वीडन में नाटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि बातचीत में “मामूली प्रगति” हुई है, लेकिन वे इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश करना चाहते।

ट्रंप की नाराजगी और ‘निर्णायक’ सैन्य ऑपरेशन की योजना

सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति न होने के कारण राष्ट्रपति ट्रंप काफी निराश हो चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में डिप्लोमेसी को एक और मौका देने की बात कही थी, लेकिन गुरुवार रात तक उनका रुख बदल गया और वे हमले का आदेश देने की ओर झुके हुए नजर आए।

ट्रंप के करीबी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति अब एक आखिरी और “निर्णायक” बड़े सैन्य ऑपरेशन की संभावना पर विचार कर रहे हैं। उनकी योजना है कि इस अंतिम हमले के बाद वे अपनी जीत की घोषणा कर सकें और इस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म कर सकें। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें आखिरी समय में हो रही इस कूटनीति पर टिकी हैं, क्योंकि बातचीत विफल होने की सूरत में मिडिल ईस्ट में एक और विनाशकारी सैन्य टकराव शुरू हो सकता है।

(PTI के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - May 23, 2026 | 11:36 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement