facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Explainer: कौन हैं सनाए ताकाइची, जो जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने की राह पर है

Advertisement

➡️➡️ 64 साल की ताकाइची ने ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर को अपना आदर्श बताया है, वह थैचर की तरह मजबूत इरादों और गर्मजोशी से भरे व्यक्तित्व की प्रशंसक हैं

Last Updated- October 04, 2025 | 7:13 PM IST
Sanae Takaichi
सनाए ताकाइची | फाइल फोटो

जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) की नेतृत्व की दौड़ में सनाए ताकाइची ने इतिहास रच दिया। शनिवार को हुए इस चुनाव में उन्होंने अपने पुरुष प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर जीत हासिल की। अब वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने की कगार पर हैं। 64 साल की ताकाइची ने ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर को अपना आदर्श बताया है। वह थैचर की तरह मजबूत इरादों और गर्मजोशी से भरे व्यक्तित्व की प्रशंसक हैं।

ताकाइची ने पार्टी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे अभी खुशी नहीं हो रही। मेरे दिमाग में आने वाली चुनौतियां हैं। हमें मिलकर बहुत कुछ करना है।” उन्होंने मजाक में कहा कि वह ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ जैसे शब्दों को भूल जाएंगी और सभी को मेहनत करने के लिए तैयार रहना होगा।

चुनाव में जीत और आगे की राह

एलडीपी नेतृत्व के लिए हुए चुनाव में ताकाइची ने शिंजिरो कोइजुमी को हराया। अंतिम दौर में उन्हें 185 वोट मिले, जबकि कोइजुमी को 156 वोट मिले। पहले दौर में भी ताकाइची ने पार्टी के करीब 9,16,000 आम सदस्यों के बीच बढ़त बनाई थी। अब वह इस महीने संसद में होने वाले मतदान का सामना करेंगी, जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री चुना जा सकता है। विपक्षी दलों की कमजोर स्थिति को देखते हुए उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

ताकाइची का व्यक्तित्व और उनकी नीतियां उन्हें खास बनाती हैं। वह भारी धातु (हेवी मेटल) संगीत की शौकीन हैं और ड्रम बजाती हैं। वह यासुकुनी श्राइन की नियमित आगंतुक हैं, जहां जापान के युद्ध में मारे गए लोगों को सम्मान दिया जाता है। हालांकि, वहां कुछ युद्ध अपराधियों को भी याद किया जाता है, जिसके कारण पड़ोसी देशों, खासकर चीन और दक्षिण कोरिया, ने उनकी आलोचना की है।

Also Read: सुनहरे भविष्य की ओर भारत-जापान मित्रता की ‘बुलेट ट्रेन’, 10 लाख करोड़ येन के निवेश से मिलेगी नई उड़ान

ताकाइची जापान के शांतिवादी संविधान में बदलाव की पक्षधर हैं। वह चाहती हैं कि जापान की बढ़ती सैन्य ताकत को आधिकारिक मान्यता मिले। इसके अलावा, उन्होंने ताइवान के साथ एक “क्वासी-सुरक्षा गठबंधन” की बात कही है, जो चीन के साथ रिश्तों को तनावपूर्ण कर सकता है। सामाजिक मुद्दों पर वह महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में हैं, लेकिन समलैंगिक विवाह और शादीशुदा जोड़ों के लिए अलग-अलग उपनाम रखने के खिलाफ हैं।

आर्थिक नीतियों में ताकाइची पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की शिष्या हैं। वह उनकी ‘अबेनॉमिक्स’ नीति की समर्थक हैं, जिसमें खर्च बढ़ाने और करों में कटौती पर जोर है। बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए वह और खर्च की वकालत करती हैं। हाल ही में बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के फैसले की उन्होंने आलोचना की थी।

कौन हैं सनाए ताकाइची?

ताकाइची का जन्म नारा, पश्चिमी जापान में हुआ। उनकी मां पुलिस अधिकारी थीं और पिता ऑटोमोबाइल उद्योग में काम करते थे। कोबे यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्री लेने के बाद ताकाइची ने अमेरिकी कांग्रेस में बतौर फेलो काम किया। 1993 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राजनीति शुरू की और निचले सदन में सीट जीती। 1996 में वह एलडीपी में शामिल हुईं। उनकी बेबाक शैली और रूढ़ियों को चुनौती देने की हिम्मत ने उन्हें जापान की राजनीति में अलग पहचान दी।

अब ताकाइची के सामने एलडीपी को एकजुट करने, जनता का भरोसा जीतने और युवा वोटरों को आकर्षित करने की चुनौती है। बढ़ती महंगाई और विदेशी नागरिकों की संख्या के बीच छोटी पॉपुलिस्ट पार्टियां युवाओं को लुभा रही हैं। ताकाइची का अगला कदम जापान के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

Advertisement
First Published - October 4, 2025 | 7:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement