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आर्थिक परेशानी मंजूर लेकिन ईरान को परमाणु हथियार नहीं लेने देंगे: ट्रंप

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ट्रंप बोले- अमेरिकी अर्थव्यवस्था नहीं, ईरान का परमाणु कार्यक्रम रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता

Last Updated- May 13, 2026 | 11:41 AM IST
US President Donald Trump on AI model Testing
Representational Image

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के दौरान अमेरिकी नागरिकों की आर्थिक परेशानियां उनके फैसलों को प्रभावित नहीं करती हैं। तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब एक पत्रकार ने पूछा कि अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति किस हद तक उन्हें समझौता करने के लिए प्रेरित कर रही है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “जरा भी नहीं।”

व्हाइट हाउस से चीन दौरे के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा, “जब मैं ईरान की बात करता हूं तो सिर्फ एक चीज मायने रखती है- ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। मैं अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति के बारे में नहीं सोचता। मैं किसी के बारे में नहीं सोचता। मैं सिर्फ एक बात सोचता हूं: हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।” उन्होंने कहा, “बस यही। यही एकमात्र चीज है जो मुझे प्रेरित करती है।”

ट्रंप की टिप्पणी पर आलोचकों की नजर

ट्रंप की इस टिप्पणी पर आलोचकों की नजर रहेगी, जो मानते हैं कि प्रशासन को भू-राजनीतिक लक्ष्यों और अमेरिकी नागरिकों पर पड़ने वाले आर्थिक असर के बीच संतुलन बनाना चाहिए। खासकर ऐसे समय में जब नवंबर में होने वाले मिड टर्म चुनावों से पहले महंगाई और जीवन-यापन की लागत मतदाताओं के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

राष्ट्रपति की टिप्पणी पर विस्तार से पूछे जाने पर व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन च्युंग ने कहा कि ट्रंप की “अंतिम जिम्मेदारी अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा है। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए और अगर कार्रवाई नहीं की जाती, तो उसके पास यह हथियार होता, जो सभी अमेरिकियों के लिए खतरा बनता।”

ट्रंप पर अब उनके अपने रिपब्लिकन सहयोगियों का दबाव बढ़ रहा है। उन्हें डर है कि युद्ध के कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानियां पार्टी के खिलाफ जनाक्रोश पैदा कर सकती हैं और नवंबर चुनाव में प्रतिनिधि सभा तथा संभवतः सीनेट पर पार्टी का नियंत्रण कमजोर कर सकती हैं।

Also Read: फेड बढ़ा सकता है ब्याज दरें, अमेरिकी महंगाई ने बिगाड़ा खेल

अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी

ईरान संघर्ष से जुड़ी बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं और इससे महंगाई पर भी असर पड़ा है। मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में अमेरिका में उपभोक्ता महंगाई ने पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की। ट्रंप ने अपने रुख को राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए कहा कि आर्थिक चिंताएं परमाणु प्रसार को रोकने की तुलना में दूसरी प्राथमिकता हैं।

हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार बनाने में जितना समय लगेगा, उसमें पिछले साल से कोई बदलाव नहीं आया है। मामले से परिचित तीन सूत्रों के अनुसार, विश्लेषकों ने पिछले साल अनुमान लगाया था कि अमेरिका-इजरायल हमले के बाद यह समयसीमा बढ़कर नौ महीने से एक साल हो गई थी। दो महीने के युद्ध के बाद भी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर आकलन में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

ट्रंप के सहयोगियों ने भी उनके इस तर्क का समर्थन किया है कि परमाणु हथियारों से लैस ईरान का खतरा अल्पकालिक आर्थिक मुश्किलों से कहीं बड़ा है। ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है कि वह परमाणु हथियार बनाना चाहता है। उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि पश्चिमी देशों को संदेह है कि ईरान परमाणु बम बनाने की क्षमता विकसित करना चाहता है।

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First Published - May 13, 2026 | 11:06 AM IST

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