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रूस की मांगें पूरी होने तक अनाज की ढुलाई के लिए कोई नया समझौता नहीं होगा :पुतिन

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यूक्रेन और रूस गेहूं, जौ, सूरजमुखी तेय और अन्य उत्पादों के बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। रूस ने जुलाई में समझौते को आगे बढ़ाने से मना कर दिया था

Last Updated- September 04, 2023 | 11:08 PM IST
Russia's Putin says there will be no new grain deal until the West meets his demands

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि पश्चिमी देश जब तक रूसी कृषि निर्यात की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करते हैं, तब तक यूक्रेन को काला सागर के रास्ते अनाज के सुरक्षित निर्यात की अनुमति के लिए समझौते को बहाल नहीं किया जाएगा।

पुतिन ने तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ सोमवार को हुई वार्ता के बाद यह घोषणा की। एर्दोआन ने यूक्रेन को अपने अनाज का सुरक्षित तरीके से निर्यात करने की अनुमति देने वाले मूल समझौते में संयुक्त राष्ट्र के साथ मध्यस्थता की थी। इस समझौते को वैश्विक खाद्यान्न आपूर्ति, विशेष रूप से अफ्रीका, पश्चिम एशिया और एशिया में आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

यूक्रेन और रूस गेहूं, जौ, सूरजमुखी तेय और अन्य उत्पादों के बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। रूस ने जुलाई में समझौते को आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। उसने शिकायत की थी कि खाद्य और उर्वरक के रूसी निर्यात में बाधाओं को दूर करने का वादा करने वाले समानांतर समझौते का सम्मान नहीं किया गया है।

रूस ने कहा कि पोत परिवहन और बीमा पर प्रतिबंध के कारण उसके कृषि व्यापार में बाधा आई है, हालांकि उसने पिछले साल से रिकॉर्ड मात्रा में गेहूं की आपूर्ति की है। पुतिन ने कहा कि अगर इन प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया जाता है तो रूस आने वाले दिनों में समझौते में शामिल हो सकता है।

पुतिन ने यह भी कहा कि रूस छह अफ्रीकी देशों को मुफ्त अनाज मुहैया करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि रूस 10 लाख मीट्रिक टन सस्ता अनाज प्रसंस्करण के लिए और गरीब देशों में आपूर्ति के लिए तुर्किये को भेजेगा। इससे पहले तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने पुतिन को इस बात के लिए मनाने का प्रयास किया कि यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध के बावजूद काला सागर के तीन बंदरगाहों से खाद्यान्न और अन्य सामग्री का निर्यात करने की अनुमति देने के समझौते को फिर से लागू किया जाए।

एर्दोआन ने कहा कि रूस के काला सागर रिसॉर्ट शहर सोच्चि में दोनों नेताओं के बीच दिनभर चली बातचीत में खाद्यान्न समझौता प्रमुख रहा।

चाथम हाउस थिंकटैंक के खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ टिम बेन्टन ने कहा, ‘मुझे आभास हो रहा है कि पुतिन खाद्यान्न को आर्थिक हथियार के रूप में उपयोग करने के लाभ को पहचानते हैं, और इस प्रकार वह अपनी इच्छा-सूची में रियायतों के संदर्भ में जो कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं उसके लिए लड़ेंगे।’

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First Published - September 4, 2023 | 11:08 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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