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ट्रंप की अपील: चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन हॉर्मुज की सुरक्षा में आगे आएं

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ईरान तनाव के बीच ट्रंप बोले- जो देश हॉर्मुज से तेल लेते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा में भी योगदान देना चाहिए

Last Updated- March 16, 2026 | 8:36 AM IST
Donald Trump on Strait of Hormuz in US Iran War

US-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अपने सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस अहम समुद्री रास्ते को दोबारा खोलने में सहयोग नहीं मिला, तो NATO के लिए भविष्य बहुत खराब हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि दुनिया के कई देश इस रास्ते से तेल और गैस प्राप्त करते हैं, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सभी को मिलकर उठानी चाहिए।

चीन को भी आगे आना चाहिए

ट्रंप ने खास तौर पर चीन से मदद की मांग की। उन्होंने कहा कि चीन अपना लगभग 90% तेल इसी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से प्राप्त करता है, इसलिए उसे भी सुरक्षा में भूमिका निभानी चाहिए। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह पहले बीजिंग का रुख जानना चाहते हैं। इसी कारण चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित मुलाकात को टाला भी जा सकता है।

पेरिस में अमेरिका-चीन की अहम बातचीत

इसी बीच अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लीफेंग ने पेरिस में बातचीत शुरू की है। दोनों देश व्यापार समझौते से जुड़े विवादों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मार्च के अंत में ट्रंप की बीजिंग यात्रा का रास्ता साफ हो सकता है।

दुनिया से युद्धपोत भेजने की अपील

ट्रंप ने कई देशों से हॉर्मुज की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों को इस क्षेत्र में जहाज भेजने चाहिए। ट्रंप के मुताबिक इसमें माइन हटाने वाले जहाज और ड्रोन से बचाव के लिए सैन्य उपकरण भी शामिल हो सकते हैं।

ईरान पर अमेरिका का कड़ा रुख

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उनके अनुसार ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है और अब वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने लगभग दो हफ्ते पहले इस समुद्री रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था।

यह पढ़ें: US-Israel-Iran War: ईरान संकट पर सीईए का बड़ा बयान, झटका लगेगा फिर भी कई देशों से बेहतर रहेगा भारत

दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम रास्ता

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है। दुनिया के करीब 20% तेल और लिक्विड प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। इसी वजह से यहां तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर फिर से हमला कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका कुछ ही मिनटों में ईरान के तेल ढांचे को निशाना बना सकता है।

ब्रिटेन पर भी ट्रंप की नाराजगी

ट्रंप ने ब्रिटेन की प्रतिक्रिया पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ब्रिटेन से मदद मांगी, तो शुरुआत में उसने आने से इनकार कर दिया। ट्रंप के मुताबिक बाद में ब्रिटेन ने तब जहाज भेजने की पेशकश की, जब अमेरिका पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर कर चुका था। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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First Published - March 16, 2026 | 8:13 AM IST

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