अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाया है। ट्रंप के मुताबिक, पिछले महीने अमेरिकी सेना ने एक गुप्त अभियान चलाया था, जिसकी वजह से 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल और 200 से अधिक कारोबारी जहाज सुरक्षित रूप से इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर सके।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को तेल टैंकरों और अन्य कारोबारी जहाजों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त मिशन का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान के चलते बड़ी मात्रा में तेल सुरक्षित रूप से वैश्विक बाजार तक पहुंच सका।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है, ईरान का नहीं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर पड़ चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था भी मुश्किल दौर से गुजर रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकता है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर अपने हमले जारी रखेगा क्योंकि तेहरान वॉशिंगटन के साथ समझौते को अंतिम रूप देने में देरी कर रहा है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम उन पर हमला करेंगे और बहुत जोरदार तरीके से करेंगे।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान पर हमले कर चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का मसौदा पूरी तरह तैयार है और अब सिर्फ ईरान की मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने कहा, “समझौता पूरी तरह तैयार है। उन्हें सिर्फ उस पर हस्ताक्षर करने हैं, लेकिन वे लगातार और समय मांग रहे हैं।” ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका एक तरफ ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ समझौते की संभावना भी खुली रखना चाहता है। (ANI के इनपुट के साथ)