West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को दक्षिणी लेबनान में अपने अभियान को और बढ़ाने का निर्देश दिया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान के तेल पर कब्जा करने की इच्छा रखता है।
सोमवार सुबह 9 बजे तक के प्रमुख अपडेट इस प्रकार हैं:
भारत से जुड़ी खबरें
• रविवार 29 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत केरोसिन तेल का अतिरिक्त आवंटन मंजूर किया।
• फरवरी 2026 में कोल इंडिया की ई-नीलामी में प्रीमियम तय कीमत से करीब 35 प्रतिशत अधिक रहा।
• भारत के दो एलपीजी जहाज, जिनमें करीब 94 हजार टन गैस है, सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं और अब मुंबई और मंगलुरु की ओर बढ़ रहे हैं।
• कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, रविवार शाम ईरान के हमलों के दौरान एक बड़े पावर प्लांट में काम कर रहे एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़े अपडेट
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने सोमवार सुबह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते तेल ले जा रहे 20 जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। उन्होंने इसे सम्मान के तौर पर उठाया गया कदम बताया और कहा कि यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की ओर से रखी गई 15 शर्तों में से ज्यादातर को मान लिया है।
इसके अलावा ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। उन्होंने नए नेतृत्व को नुकसान पहुंचने का जिक्र करते हुए मोजतबा खामेनेई का भी उल्लेख किया।
ईरान की तरफ से ताजा घटनाक्रम
सोमवार सुबह ईरान के उत्तरी हिस्से में स्थित एक पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला हुआ। ईरानी मीडिया के मुताबिक तबरीज पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की एक यूनिट को निशाना बनाया गया।
ईरान के संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफघारी ने बयान देते हुए कहा कि अब अमेरिका और इजराइल के अधिकारियों के निजी घर भी निशाने पर माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला ईरान के कई शहरों में रिहायशी इलाकों पर हुए हमलों के बाद लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रविवार को पुष्टि की कि ईरान के खोंदाब हेवी वाटर प्लांट को इजराइली हमलों में भारी नुकसान हुआ है और अब यह काम करने की स्थिति में नहीं है।
इजराइल की कार्रवाई
इजराइल डिफेंस फोर्स ने रविवार को कहा कि उसने तेहरान के मध्य हिस्से में ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े स्तर पर हमले किए हैं।
आईडीएफ के अनुसार, एक अहम फैक्ट्री को भी निशाना बनाया गया जहां बैलिस्टिक मिसाइल के हिस्से तैयार किए जाते थे। साथ ही लेबनान में चल रहे ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के कई लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सैन्य कार्रवाई से तेहरान की सरकार में कमजोरी साफ नजर आने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिणी लेबनान में चल रहे अभियान को और बढ़ाया जाएगा और वहां सुरक्षा क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।
खाड़ी क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम
खाड़ी देशों में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। बहरीन में सोमवार तड़के अधिकारियों ने अलार्म सायरन बजाए और लोगों से शांत रहने के साथ नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। चार घंटे के भीतर यह तीसरी बार सायरन बजाया गया।
इस बीच पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की योजना बना रहा है। हालांकि इस बारे में अभी तक अमेरिका और ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने यूएई को इस संघर्ष से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूएई सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल होता है तो दुबई और अबू धाबी को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
तेल की कीमतों में तेजी
तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.16 डॉलर बढ़कर 115.73 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो करीब 2.81 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी 3.14 प्रतिशत बढ़कर 102.77 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह तनाव 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई।
इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों, दूतावासों और ऊर्जा संरचनाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का असर यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में भी देखा गया।