facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

वेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडी

Advertisement

डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन फिर शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को आर्थिक मदद दी जा सकती है; मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बयान

Last Updated- January 06, 2026 | 8:38 AM IST
Donald Trump on Venezuela Oil Business

Venezuela Oil Business: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, वेनेजुएला के तेल उद्योग को फिर से शुरू करने के लिए वहां निवेश करने वाली अमेरिकी तेल कंपनियों को सब्सिडी या आर्थिक मदद दे सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया गया है।

ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ यह योजना 18 महीने से भी कम समय में शुरू हो सकती है। हालांकि, ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि वेनेजुएला के तेल उद्योग को पूरी तरह ठीक करने में कई साल लग सकते हैं।

Venezuela Oil उद्योग को दोबारा खड़ा करने में लगेगा भारी खर्च

ट्रंप ने माना कि इस काम में बहुत ज्यादा पैसा लगेगा। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां पहले पैसा लगाएंगी और बाद में उन्हें अमेरिका या तेल से होने वाली कमाई के जरिए भुगतान किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में 100 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो सकता है।

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वेनेजुएला के बड़े तेल भंडार देश की अर्थव्यवस्था सुधारने और अमेरिका के रणनीतिक हितों के लिए बेहद जरूरी हैं। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से तेल उत्पादन बढ़ने से तेल की कीमतें नीचे आ सकती हैं, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला के तेल से खरबों कमाने के लिए अमेरिका को लगाने होंगे 100 अरब डॉलर, 2027 तक दिखेगा असर!

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट इस हफ्ते तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर सकते हैं। वे मियामी में होने वाले एक ऊर्जा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां शेवरॉन, कॉनकोफिलिप्स जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। फिलहाल शेवरॉन ही वेनेजुएला में काम कर रही एकमात्र बड़ी अमेरिकी कंपनी है।

भ्रष्टाचार, निवेश की कमी, आग लगने और चोरी की वजह से वेनेजुएला का तेल ढांचा काफी खराब हालत में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसे ठीक करने में 10 साल तक लग सकते हैं।

मादुरो की गिरफ्तारी पर विवाद

ट्रंप के इस बयान से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला में एक सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया। अमेरिका का कहना है कि मादुरो पर ड्रग तस्करी और हथियारों से जुड़े आरोप हैं, जबकि विरोधियों का दावा है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि अमेरिका का मकसद वेनेजुएला में शासन बदलना नहीं है और वहां की अंतरिम सरकार पहले ही काम शुरू कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका वहां सेना भेजने की योजना नहीं बना रहा है।

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका के नियंत्रण से भारतीय कंपनियों को फायदा, रिलायंस और ONGC के लिए खुले नए अवसर

ट्रंप ने साफ किया कि वेनेजुएला में तुरंत चुनाव नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने कहा, “पहले देश को ठीक करना जरूरी है। अभी हालात ऐसे नहीं हैं कि लोग वोट डाल सकें।” (ब्लूमबर्ग के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - January 6, 2026 | 8:38 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement