facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

दावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड अधिग्रहण की मांग दोहराई, बल प्रयोग से इनकार किया

Advertisement

उन्होंने तर्क दिया कि यह आर्कटिक द्वीप उत्तर अमेरिका का हिस्सा है और इसे अमेरिका के अलावा कोई अन्य देश सुरक्षित नहीं कर सकता

Last Updated- January 21, 2026 | 11:11 PM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दावोस में भाषण देते हुए। फोटो: यूट्यूब/@WEF

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच में वैश्विक नेताओं के समक्ष अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड के अधिग्रहण की मांग दोहराई। लेकिन उन्होंने कहा कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका तेजी से तरक्की कर रहा है, लेकिन यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह आर्कटिक द्वीप उत्तर अमेरिका का हिस्सा है और इसे अमेरिका के अलावा कोई अन्य देश सुरक्षित नहीं कर सकता।

ट्रंप ने कहा, ‘ग्रीनलैंड उत्तर अमेरिका का हिस्सा है, यह हमारा क्षेत्र है।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि द्वीप का सामरिक महत्व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उस पर अमेरिकी नियंत्रण को आवश्यक बनाता है। उन्होंने आगे कहा, ‘ग्रीनलैंड की देखभाल कोई अन्य राष्ट्र नहीं कर पाएगा, केवल अमेरिका ही कर सकता है। हम कहीं अधिक शक्तिशाली हैं।’ यूरोपीय नेता उन्हें ऐसा कहते देखते रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने के लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे।

हमने ग्रीनलैंड को बचाया

ट्रंप ने अपने रुख को सही ठहराने के लिए इतिहास और भू-राजनीति का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड के भाग्य में पहले ही निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, ‘डेनमार्क यह जानता है। हमने द्वितीय विश्व युद्ध में डेनमार्क के लिए लड़ाई लड़ी, हमने ग्रीनलैंड को बचाया। युद्ध के बाद, हमने ग्रीनलैंड को डेनमार्क को दे दिया। यह बेवकूफी थी लेकिन हमने की।’

ग्रीनलैंड को विशाल और लगभग निर्जन बताते हुए ट्रंप ने कहा कि यह क्षेत्र अमेरिका, रूस और चीन के बीच एक प्रमुख सामरिक स्थान पर असुरक्षित पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘हमें ग्रीनलैंड दुर्लभ खनिजों के लिए नहीं चाहिए, दुर्लभ खनिज जैसी कोई चीज़ नहीं होती, दुर्लभ तो उसका प्रसंस्करण है। हमें ग्रीनलैंड अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चाहिए।’

‘नाटो को नुकसान नहीं’

गठबंधन की चिंताओं को कम करने की कोशिश करते हुए ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण नाटो को कमजोर नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘यह नाटो में बाधा नहीं डालेगा। मैंने नाटो की मदद किसी भी अन्य राष्ट्रपति से अधिक की है।’ अपने तर्क को दोहराते हुए उन्होंने जोड़ा, ‘हर राष्ट्र का दायित्व है कि वह अपनी रक्षा करे। ग्रीनलैंड की सुरक्षित करने वाला अमेरिका के सिवा कोई देश नहीं हो सकता।’

यूरोप ‘सही दिशा में नहीं जा रहा’

ट्रंप ने यूरोप की आर्थिक और ऊर्जा नीतियों की आलोचना की और नेताओं से अमेरिकी मॉडल अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे यूरोप से प्यार है और मैं चाहता हूं कि यूरोप अच्छा करे, लेकिन यह सही दिशा में नहीं जा रहा।’ उन्होंने बढ़ते सरकारी खर्च, प्रवासन नीतियों और व्यापारिक निर्णयों को महाद्वीप के कुछ हिस्सों को ‘पहचाने न जाने योग्य’ बना देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यूरोप को आर्थिक रूप से वही करना चाहिए जो हम कर रहे हैं।’

ऊर्जा, एआई और ‘सबसे बड़ा धोखा’

ट्रंप ने नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों पर तीखा हमला किया और ग्रीन न्यू डील को ‘सबसे बड़ा धोखा’ कहा। उन्होंने कहा, ‘पवनचक्कियां जमीन को नष्ट कर रही हैं और पैसा गंवा रही हैं।’ उन्होंने दावा किया कि जर्मनी 2017 की तुलना में 22 प्रतिशत कम बिजली पैदा कर रहा है। उन्होंने जोड़ा कि चीन पवन टर्बाइन ‘मूर्ख लोगों को बेचने के लिए’ बनाता है जबकि मुख्य रूप से कोयले पर निर्भर रहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने कई नए परमाणु रिएक्टरों को मंजूरी दी और बड़ी कंपनियों को अपने स्वयं के बिजली संयंत्र बनाने की अनुमति दी।

मजबूत यूरोप की चाह

अपनी स्कॉटिश और जर्मन वंशावली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे यूरोप के लोगों की बहुत परवाह है और‘हम चाहते हैं कि यूरोप मजबूत हो, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने ब्रिटेन की ऊर्जा समस्याओं को उजागर किया, दावा किया कि बिजली की कीमतें बढ़ गई हैं जबकि उत्तरी सागर में ड्रिलिंग प्रतिबंधित रही है।

भारत-पाक संघर्ष रुकवाने का फिर दावा

ट्रंप ने बुधवार को फिर अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने कई अन्य युद्धों की तरह पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रुकवाया था। ट्रंप ने पिछले साल 10 मई के बाद से अबतक 80 से अधिक बार भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकवाने का श्रेय लेने की कोशिश की है। उनका दावा है कि अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी ‘पूर्ण और तत्काल’ सैन्य संघर्ष रोकने पर सहमत हो गए थे। भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया है।

Advertisement
First Published - January 21, 2026 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement