facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Trump-Xi Meeting: अमेरिका-चीन की बड़ी डील! ट्रंप-शी बैठक में तनाव कम करने की कोशिश, जानें 5 बड़े फैसले

Advertisement

Trump-Xi Meeting: ट्रंप और शी जिनपिंग की बीजिंग बैठक में अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करने, व्यापार व ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और संवेदनशील मुद्दों पर संवाद जारी रखने पर सहमति बनी।

Last Updated- May 14, 2026 | 9:05 PM IST
Trum-Xi meet
Trump-Xi Meeting

Trump-Xi Meeting: बीजिंग में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच हुई अहम बैठक को वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने और संबंधों को स्थिर बनाने पर जोर दिया। हालांकि व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय विवाद जैसे कई मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

1. अमेरिका-चीन संबंधों में ‘रणनीतिक स्थिरता’ की कोशिश

बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को एक “रणनीतिक स्थिरता” के ढांचे में रखने पर सहमति जताई। इसका मतलब यह है कि दोनों देश अब टकराव बढ़ाने के बजाय प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करने और संवाद बनाए रखने पर ध्यान देंगे। मौजूदा विवादों को तुरंत सुलझाने के बजाय उन्हें प्रबंधित करने की रणनीति अपनाई जाएगी।

2. व्यापार वार्ता में सकारात्मक संकेत

बैठक से पहले दोनों देशों के आर्थिक अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को “संतुलित और सकारात्मक” बताया गया। इसमें अमेरिका की ओर से Scott Bessent और चीन की ओर से He Lifeng शामिल थे।

चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने बाजार को और अधिक खोलने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका ने भी व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

3. व्यापार से आगे बढ़कर सहयोग बढ़ाने की चर्चा

इस शिखर सम्मेलन में सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि कृषि, पर्यटन और कूटनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। अमेरिका ने चीन से अपने कृषि उत्पादों की अधिक खरीद बढ़ाने की मांग रखी। साथ ही दोनों देशों ने आपसी निवेश और बाजार पहुंच को बेहतर बनाने पर भी बात की।

अमेरिका ने यह भी मुद्दा उठाया कि चीन फेंटानिल बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रवाह को रोकने में सहयोग करे।

4. ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य पर सहमति

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने माना कि Strait of Hormuz को खुला रहना चाहिए, क्योंकि यह दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।

Also Read | तेल संकट और कमजोर पर्यटन ने मॉरीशस की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, भारत भी रहे सतर्क

चीन ने इस जलमार्ग के सैन्यीकरण का विरोध किया और संकेत दिया कि वह ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के लिए अमेरिका से अधिक तेल खरीद सकता है। इसके साथ ही दोनों देशों ने यह भी माना कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए।

5. ताइवान बना सबसे संवेदनशील मुद्दा

संबंधों में सुधार के प्रयासों के बावजूद ताइवान का मुद्दा सबसे संवेदनशील बना हुआ है। Taiwan पर बोलते हुए शी जिनपिंग ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को गलत तरीके से संभालने पर दोनों देशों के बीच गंभीर टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

चीन के अनुसार ताइवान उसकी संप्रभुता का हिस्सा है, जबकि अमेरिका इस मुद्दे पर संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपनाता है।

Advertisement
First Published - May 14, 2026 | 9:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement