पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला पोस्ट डालकर खलबली मचा दी है। ट्रंप ने इस पोस्ट में कहा कि अगर ईरान निर्धारित समय सीमा तक कोई समझौता नहीं करता है तो ‘एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा’।
ट्रंप ने ईरान को वाशिंगटन में रात 8 बजे (तेहरान में सुबह 3:30 बजे) तक होर्मुज स्ट्रेट खोलने को कहा है। ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से अगर आवागमन बहाल नहीं हुआ तो वह ईरान के पुल और बिजली संयंत्र को नष्ट कर देंगे।
दूसरी तरफ, ईरान ने मंगलवार शाम तक होर्मुज स्ट्रेट खोलने के ट्रंप की धमकी के आगे नरम पड़ने का कोई संकेत नहीं दिया। कुछ खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि अनुसार ट्रंप की इस ताजातरीन धमकी के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ परोक्ष रूप से बातचीत रोक दी है।
ईरान का कहना है कि वह खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। उसने कहा है कि खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों के शहर बिजली और पानी के बिना तबाह हो जाएंगे। ट्रंप की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही ईरान पर हमले तेज होते गए। इन हमलों में रेलवे और सड़क पुल, एक हवाई अड्डा और एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर स्थित ठिकानों पर हमला किए जहां ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है। ट्रंप इसे अपने कब्जे में लेने की बात कह चुके हैं। ईरान ने कहा कि वह जवाबी कार्रवाई करेगा और अब अपने खाड़ी में पड़ोसी देशों के बुनियादी ढांचे पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। ईरान ने दावा किया कि उसने खाड़ी में एक जहाज और सऊदी अरब के एक विशाल पेट्रोकेमिकल परिसर पर नए हमले किए हैं।
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ वेबसाइट पर लिखा,‘आज रात एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी जो कभी दोबारा अस्तित्व में नहीं आ पाएगा। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब जब ईरान में पूर्ण और व्यापक सत्ता परिवर्तन हो चुका है जहां अलग, अधिक बुद्धिमान और कम कट्टरपंथी सोच वाले लोग सत्ता में आए हैं तो मुमकिन है कि कुछ नई बात हो जाए। हमें आज रात पता चल जाएगा। यह क्षण विश्व के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्त्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।’
अमेरिकी विदेश विभाग के पूर्व कानूनी सलाहकार और अब इंटरनैशनल क्राइसिस ग्रुप से जुड़े ब्रायन फिनुकेन ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियों को अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ‘नरसंहार की धमकी’ के रूप में लिया जा सकता है। समय सीमा नजदीक आने के बीच ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि तेहरान अमेरिका से रियायतें प्राप्त किए बिना होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने से इनकार कर रहा है और ये रियायतें अभी तक नहीं मिली हैं।
सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान, जो मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, अभी भी संदेश पहुंचा रहा है मगर वॉशिंगटन ने अपना रुख नहीं बदला है। सूत्र ने कहा कि अगर अमेरिका ट्रंप की ईरान के बिजली ग्रिड को ठप करने की धमकी पर अमल करता है तो तेहरान सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों को अंधेरे में डुबो देगा। यह धमकी कतर के माध्यम से ट्रंप को पहुंचाई जा चुकी है।
इससे पहले ईरान के एक अन्य उच्च पदस्थ सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि तेहरान ने मध्यस्थों द्वारा भेजे गए अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। सूत्र ने कहा कि ‘स्थायी शांति’ पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब अमेरिका और इजरायल बमबारी बंद कर दें, हमले दोबारा शुरू न करने की गारंटी दें और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समझौते में ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना होगा और आवाजाही पर शुल्क लगाना होगा। दोनों पक्षों की ओर से हमलों और बयानबाजी में तेजी के बावजूद वैश्विक बाजार काफी हद तक ठप्प रहे क्योंकि वे इस बात पर दांव लगाने से हिचकिचा रहे थे कि ट्रंप अपनी धमकियों पर अमल करेंगे या पहले की तरह नरम हो जाएंगे।
ईरान के अंदर हुए हमलों में रेलवे पुलों, एक राजमार्ग पुल, एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र और एक हवाई अड्डे पर हमले शामिल हैं। तेहरान के पश्चिम में कराज के कुछ हिस्सों में पारेषण लाइनों और एक सब-स्टेशन पर हमले के कारण बिजली गुल हो गई। इजरायल ने फारसी भाषा में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान के लोगों को चेतावनी दी कि ‘रेलवे ट्रैक के पास मौजूद कोई भी व्यक्ति खतरे में होगा।’
ईरान का कहना है कि इजरायली हवाई हमलों के कारण तेहरान में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) रात भर में नष्ट हो गया। ईरानी मीडिया में दिखाए गए फुटेज में मलबे में हिब्रू ग्रंथ बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। इजरायल के बाहर पश्चिम एशिया के सबसे बड़े यहूदी समुदायों में से एक ईरान के यहूदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद होमायून सामेह ने कहा,‘सिनेगॉग की इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गई और हमारी तोराह की पुस्तकें मलबे के नीचे दब गईं।’ इजरायल की सेना ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
इस बीच, बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ईरान और अमेरिका को युद्ध विराम के लिए राजी करने के प्रयासों में जुटा हुआ है। मगर ट्रंप की धमकी के बाद कोई समाधान निकलने की संभावना बहुत कम हो गई है। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने कहा कि इस्लामाबाद द्वारा युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता हेतु किए जा रहे ‘सकारात्मक और सार्थक प्रयास’ एक महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील चरण की ओर बढ़ रहे हैं।
इस योजना से वाकिफ एक सूत्र के अनुसार पाकिस्तान द्वारा दिए गए प्रस्ताव में अस्थायी युद्ध विराम और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की प्रभावी नाकाबंदी हटाने की बात कही गई है जबकि व्यापक शांति समझौते को आगे की बातचीत के लिए टाल दिया गया है।
मगर सोमवार को आईआरएनए समाचार एजेंसी द्वारा रिपोर्ट किए गए ईरान के 10 सूत्री जवाब में युद्ध की स्थायी समाप्ति, प्रतिबंधों को हटाने और इजरायल-अमेरिका के हमलों से क्षतिग्रस्त ईरानी स्थलों के पुनर्निर्माण का वादा शामिल है।