facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रेल से भारत को पश्चिम एशिया से जोड़ने पर चर्चा, UAE और यूरोप भी शामिल

Advertisement

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के सऊदी के शासक मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत करने की उम्मीद

Last Updated- September 08, 2023 | 11:17 PM IST
G20 leaders start arriving in Delhi for G20 summit

अमेरिका, सऊदी अरब, भारत और अन्य देश रेलवे मार्ग से भारत को पश्चिम एशिया के देशों को जोड़ने के बारे में चर्चा कर रहे हैं। इस मामले के जानकार अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इस क्रम में भारत के बंदरगाह से पश्चिम एशिया के देशों को जोड़ा जा सकता है। इससे खाड़ी देशों और दक्षिण पूर्व के बीच कारोबार बढ़ेगा।

इस बातचीत में संयुक्त अरब अमीरात और यूरोप को भी शामिल किया गया है। इस मामले के जानकार सूत्र ने बताया कि इस हफ्ते जी20 के नेताओं की बैठक के बाद इस रेल लाइन के बारे में स्पष्ट परिणाम निकलने की उम्मीद नहीं है। इस मामले के जानकार लोगों में से एक ने बताया कि यह बातचीत महीनों से जारी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। संभावना यह भी है कि वे इस रेल मार्ग के बारे में सऊदी के शासक मोहम्मद बिन सलमान से भी बातचीत करें।

रेल से संबंधित यह योजना महत्त्वपूर्ण समय पर आगे बढ़ रही है और इस योजना में कई देशों के बंदरगाह जोड़े जा सकते हैं। यह चीन के बेल्ट और रोड परियोजना के जवाब में तैयार की जा रही है। इस क्रम में बाइडन जी-20 के विकासशील देशों के लिए अमेरिका को वैकल्पिक साझेदार व निवेशक के तौर पर पेश कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि बाइडन प्रशासन मध्य पूर्व में व्यापक राजनयिक सौदा करना चाहता है। इस क्रम में सऊदी अरब को इस्राइल को मान्यता देनी होगी। बहु राष्ट्रों के बीच आधारभूत ढांचे के बारे में पहली जानकारी एक्सियोस ने दी थी।

अधिकारियों के अनुसार इस योजना के फलीभूत होने से राजनयिक प्रभावों से इतर भी प्रभाव आएंगे। इससे शिपिंग का समय घटेगा, लागत भी घटेगी। डीजल का उपयोग होने से कारोबार त्वरित व सस्ता होगा।

Advertisement
First Published - September 8, 2023 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement