facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ब्रिटेन के शुल्क लाभ योजना को वापस लेने से प्रभावित हो सकते हैं चमड़े और कपड़े जैसे निर्यात

Advertisement

चूंकि ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से बाहर आ गया है, इसलिए उसने अपनी GSP योजना तैयार की है

Last Updated- June 19, 2023 | 3:31 PM IST
India Trade data

ब्रिटेन के शुल्क लाभ योजना GSP को वापस लेने के फैसले से चमड़ा और कपड़ा जैसे कुछ श्रम आधारित क्षेत्रों के भारतीय निर्यातक प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों और व्यापारियों ने यह बात कही है।

ब्रिटेन 19 जून से सामान्यीकृत तरजीही योजना (GSP) की जगह एक नई व्यवस्था विकासशील देशों के लिए व्यापार योजना (DCTS) को लागू कर रहा है। इस कारण कपड़ा, चमड़े के सामान, कालीन, लोहा और इस्पात के सामान तथा रसायनों सहित कुछ श्रम आधारित क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRA) ने कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU), ऑस्ट्रेलिया, जापान और कई अन्य विकसित देश अपनी GSP योजनाओं के तहत विकासशील देशों को आयात शुल्क रियायत देते हैं।

GTRI के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘चूंकि ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से बाहर आ गया है, इसलिए उसने अपनी GSP योजना तैयार की है। प्रत्येक देश उत्पादों के आधार पर एक सीमा निर्धारित करता है, और यदि किसी देश का निर्यात उस सीमा से अधिक होता है तो जीएसपी रियायतें बंद हो जाती हैं। ब्रिटेन श्रम आधारित क्षेत्रों को दी जाने वाली जीएसपी रियायतें वापस ले रहा है।’

Also read: भारत ने यूके से की बासमती चावल पर शुल्क घटाने की मांग, मिल रही पाकिस्तान से चुनौती

उन्होंने कहा कि यह अनुमान पहले से था कि ब्रिटेन इन रियायतों को वापस लेगा, क्योंकि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। GSP रियायतें आमतौर पर अल्प विकसित देशों (LDC) को मिलती हैं। चीन को ऐसी रियायतें नहीं मिलतीं हैं। भारत का 2.5 अरब डॉलर का निर्यात ब्रिटेन में GSP लाभ का हकदार है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि ब्रिटेन में कुछ भारतीय सामान के निर्यात का हिस्सा एक निश्चित सीमा से बढ़ गया है, जिसके कारण वे अब GSP का लाभ नहीं उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि धातु जैसे कुछ क्षेत्रों को लाभ मिलता रहेगा।

Advertisement
First Published - June 19, 2023 | 3:31 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement