facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

US Elections: अमेरिका में फिर चला ‘ट्रंप’ कार्ड, भारत के लिए व्यापारिक नीतियों में नया तनाव संभव

Advertisement

रिपब्लिकन डॉनल्ड ट्रंप को मिले निर्वाचक मंडल के 277 वोट, डेमोक्रेटिक कमला हैरिस को मिले 224 मत

Last Updated- November 06, 2024 | 10:58 PM IST
Donald Trump

US Elections: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चार साल के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की, जिसे अमेरिकी इतिहास में किसी नेता की सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी कहा जा रहा है। ट्रंप और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच कड़े मुकाबले का नतीजा अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन रिपब्लिकन नेता का व्हाइट हाउस में लौटना लगभग तय हो गया है।

विस्कॉन्सिन में जीत के साथ ही 78 साल के ट्रंप ने राष्ट्रपति पद के लिए जरूरी 270 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा देर शाम तक उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप को निर्वाचक मंडल के 277 वोट मिले हैं और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हैरिस के हिस्से में 224 वोट ही आए हैं।

अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में डॉनल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक वापसी से भारत के साथ इस देश का व्यापार तनाव बढ़ सकता है। लेकिन आपूर्ति श्रृंखला भारत में आने से उसे काफी फायदा भी हो सकता है क्योंकि अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना उत्पादन भारत जैसे देशों में लाने की संभावना तलाश सकती हैं।

ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर आगे बढ़ सकते हैं और मुख्य रूप से चीन को निशाना बना सकते हैं। हालांकि अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने भारत को ‘ज्यादा शुल्क वाला’ देश बताया था। चुनाव के दौरान ट्रंप ने सभी देशों से आयात पर 10 से 20 फीसदी और चीन के उत्पादों पर 60 फीसदी शुल्क लगाने का वादा किया था।

अमेरिका भारत का महत्त्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच करीब 120 अरब डॉलर मूल्य का व्यापार हुआ था। 35.3 अरब डॉलर के अ​धिशेष के साथ दोनों के बीच का व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने व्यापार असंतुलन पर चिंता जाताई थी और कहा था कि भारत अमेरिका से ज्यादा आयात नहीं कर रहा है।

Also read: डॉनल्ड ट्रंप की जीत से भारत पर क्या होगा असर? जानें ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का सुरक्षा और व्यापार पर प्रभाव 

ईवाई इंडिया में टैक्स एवं इकनॉमिक पॉलिसी (अंतरराष्ट्रीय व्यापार) के पार्टनर अज्ञेश्वर सेन ने कहा, ‘भारत को टेक्सटाइल, रसायन, फार्मा तथा वाहन/इंजीनियरिंग उत्पादों पर ज्यादा शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। विकल्प के रूप में हमें ऐसे व्यापार समझौते के लिए तैयार रहना चाहिए जो न केवल हमारे वर्तमान हितों की रक्षा करे ​ब​ल्कि नए हितों के साथ वह अमेरिका के लिए भी आकर्षक हो।’

ट्रंप ने फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए इस जीत को अमेरिका में ‘स्वर्णिम युग’ की वापसी बताया। ट्रंप ने कहा, ‘यह शानदार जीत है जो अमेरिका को एक बार फिर महान बनाने में हमारी मदद करेगी।’

उन्होंने आगे की योजनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘हम अपनी सीमाओं को दुरुस्त करने जा रहे हैं, हम अपने देश के बारे में सब कुछ ठीक करने जा रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘मैं प्रत्येक नागरिक के लिए, आपके परिवार और आपके भविष्य के लिए लड़ूंगा। मैं तब तक आराम नहीं करूंगा, जब तक हम मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध अमेरिका नहीं बना लेते, जिसके हमारे बच्चे और आप हकदार हैं।’

Advertisement
First Published - November 6, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement