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ईरान-अमेरिका में सुलह की कोशिश! फिर सज सकती है बातचीत की मेज, दोनों देशों के बीच कूटनीति हुई तेज

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सूत्रों ने बताया कि अमेरिका और ईरान की बातचीत करने वाली टीमें इस हफ्ते पाकिस्तान लौट सकती हैं ताकि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू की जा सके

Last Updated- April 14, 2026 | 10:44 PM IST
US Iran
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर फिर से लाने के लिए पाकिस्तान उच्च स्तर पर कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के साथ बातचीत के दूसरे दौर का प्रस्ताव रखा गया है। इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत में ‘कुछ प्रगति हुई है’। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ‘दूसरी तरफ से हमें बुलाया गया है’ और वे कोई समझौता करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं देंगे जिससे ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति मिले।

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका और ईरान की बातचीत करने वाली टीमें इस हफ्ते पाकिस्तान लौट सकती हैं ताकि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू की जा सके। यह कदम सप्ताहांत में हुई बातचीत के नाकाम होने के बाद उठाया गया है, जिसके चलते अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करने की घोषणा की थी।

हालांकि अमेरिका की नाकाबंदी पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया आई लेकिन इस बात के संकेत हैं कि कूटनीतिक बातचीत जारी रह सकती है। इससे कच्चे तेल के दाम घटकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गए।

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से दोनों विरोधी पक्षों के बीच हुई अब तक की सबसे उच्च-स्तरीय बातचीत बीते सप्ताहांत में पाकिस्तान की राजधानी में बिना किसी सफलता के समाप्त हो गई। इससे दो सप्ताह के उस संघर्ष विराम के बरकरार रहने पर संदेह पैदा हो गया है, जिसकी अवधि अभी एक सप्ताह और बाकी है।

ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा, ‘अभी बातचीत के दूसरे दौर की कोई तारीख तय नहीं हुई है लेकिन प्रतिनिधिमंडलों ने शुक्रवार से रविवार तक का समय खाली रखा है।’

अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले करने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपने जहाजों को छोड़कर लगभग सभी जहाजों के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया। उसका कहना था कि यहां से गुजरने की अनुमति केवल ईरानी नियंत्रण में और शुल्क के भुगतान पर ही दी जाएगी। होर्मुज से दुनिया की जरूरत के करीब 20 फीसदी तेल-गैस की आवाजाही होती है।

जवाबी कदम के तौर पर अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने सोमवार से ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के यातायात को रोकना शुरू कर दिया है। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले नौ सैनिक जहाजों पर हमला करने और अपने खाड़ी पड़ोसी देशों के बंदरगाहों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है।

अमेरिकी नाकाबंदी शुरू हुए लगभग 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन इसे लागू करने के लिए उसके द्वारा जहाजों के खिलाफ सीधे तौर पर कोई कार्रवाई करने की अभी तक कोई खबर नहीं आई है। शिपिंग डेटा के अनुसार मंगलवार को ईरान से जुड़े तीन टैंकर होर्मुज से गुजरते हुए देखे गए लेकिन ये जहाज न तो ईरान के बंदरगाहों की ओर जा रहे थे और न ही वहां से आ रहे थे।

इस बीच हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह ऐसे किसी भी समझौते का पालन नहीं करेगा जो अमेरिका में होने वाली लेबनान-इजरायल की सीधी बातचीत से सामने आ सकते हैं।

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First Published - April 14, 2026 | 10:32 PM IST

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