US-Iran Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह ईरान के साथ चल रहे दो हफ्ते के संघर्षविराम को आगे बढ़ाने पर फिलहाल विचार नहीं कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका सबसे पसंदीदा विकल्प बातचीत के जरिए समझौता करना है ताकि पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव खत्म हो सके।
Jonathan Karl ने ABC News के लिए बताया कि ट्रंप को लगता है कि संघर्षविराम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ट्रंप का मानना है कि आने वाले दो दिन काफी अहम और बड़े बदलाव लाने वाले हो सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि हालात किसी भी दिशा में जा सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार बातचीत से समाधान ज्यादा बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि समझौता होने पर ईरान को फिर से अपने देश के पुनर्निर्माण का मौका मिल सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में कई कट्टरपंथी तत्वों को खत्म किया गया है और अब वे पहले जैसी स्थिति में नहीं हैं।
ट्रंप ने अपनी नेतृत्व क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि अगर वे राष्ट्रपति नहीं होते तो दुनिया में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के बहुत करीब है, लेकिन अभी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रुकी नहीं है।
ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका अभी पीछे हट जाए तो ईरान को अपनी स्थिति फिर से मजबूत करने में काफी समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हम अभी हट गए तो उन्हें देश को फिर से खड़ा करने में करीब 20 साल लग जाएंगे, लेकिन फिलहाल हम अपना अभियान जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हालात को देखते हुए लगता है कि ईरान बातचीत या किसी समझौते के लिए ज्यादा इच्छुक है। यह बयान उन्होंने Fox Business से बातचीत में दिया।
ट्रंप के इस बयान से एक तरफ युद्ध खत्म होने की संभावना जताई जा रही है, तो दूसरी तरफ यह भी साफ है कि अमेरिकी कार्रवाई अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
Iran को लेकर चल रहे तनाव के बीच यह बयान अहम माना जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं और दोनों पक्ष आने वाले दिनों में दूसरे दौर की शांति वार्ता करने की तैयारी कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश 7 अप्रैल की प्रस्तावित संघर्षविराम समयसीमा से पहले आगे की बातचीत करना चाहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर की बातचीत जिस शहर इस्लामाबाद में हुई थी, वहीं फिर से वार्ता कराने का एक विकल्प रखा गया है। हालांकि इसके अलावा भी कुछ अन्य स्थानों पर चर्चा चल रही है ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके।
इसी बीच हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी का आदेश दिया है, जिसे हालिया तनाव में बड़ा कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस नाकेबंदी को 12 से ज्यादा जहाजों के बेड़े के जरिए लगातार लागू किया जा रहा है।
हालांकि पिछले हफ्ते बमबारी रोकने पर सहमति बनी थी, लेकिन मौजूदा कदमों ने क्षेत्र में स्थिति को फिर से अस्थिर कर दिया है।
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। रविवार को करीब 21 घंटे से ज्यादा चली इन वार्ताओं में कोई भी ठोस समझौता नहीं हो सका।
इन बातचीतों की मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी। लेकिन लंबे विचार-विमर्श के बावजूद दोनों पक्ष किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए और चर्चा अंत में विफल रही।
सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा, खासकर यूरेनियम संवर्धन को लेकर दोनों देशों के बीच गहरा मतभेद दिखा। अमेरिका चाहता था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे, जबकि ईरान ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया।
वार्ता के बाद ईरान ने अमेरिका के रुख को “बहुत ज्यादा सख्त” बताया। वहीं अमेरिका की तरफ से भी कोई सकारात्मक प्रगति नहीं दिखी और बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।