US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब एक और कूटनीतिक पहल की तैयारी चल रही है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका दूसरे दौर की बातचीत पर विचार कर रहा है, जिसकी अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं। इस बैठक के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को संभावित जगह के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं। ये दोनों नेता युद्ध शुरू होने से पहले से ही कूटनीतिक बातचीत में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने वेंस, विटकॉफ और कुशनर को मौजूदा तनाव खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता तलाशने की जिम्मेदारी दी है। हाल ही में करीब 21 घंटे चली बातचीत के बाद ये तीनों नेता ईरान के अधिकारियों और मध्यस्थों के संपर्क में बने हुए हैं, ताकि किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
हालांकि, दूसरे दौर की बैठक को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसकी तारीख भी तय नहीं की गई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने CNN से कहा कि आगे की बातचीत पर चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल कुछ भी तय नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और अगले दो दिनों में कोई अहम घटनाक्रम हो सकता है।
अमेरिकी अखबार The New York Post को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी है। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे दौर की सीधी बातचीत यूरोप में हो सकती है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर यह खबरें भी सामने आई थीं कि बातचीत की जगह बदली जा रही है। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद ट्रंप ने अपना रुख बदलते हुए कहा कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ही बातचीत होने की संभावना ज्यादा है।
ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुनीर बेहतरीन काम कर रहे हैं, इसलिए बातचीत के लिए वहीं जाना ज्यादा सही रहेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी ऐसे देश में जाने का क्या फायदा, जिसका इस मामले से कोई लेना-देना ही नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि जनरल मुनीर ने भारत के साथ तनाव को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई और करोड़ों लोगों को बचाया। गौरतलब है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ समय के लिए तनाव बढ़ा था, जिसे बाद में कम कर लिया गया था।
Donald Trump ने ईरान के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर साफ कर दिया है कि वह खुद इसमें शामिल नहीं होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी नहीं बताया कि अमेरिका की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा।
इस बीच ट्रंप ने उन खबरों पर नाराजगी जताई, जिनमें कहा गया था कि वॉशिंगटन ने ईरान से कम से कम 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की शर्त रखी है। ट्रंप ने कहा कि उनका साफ रुख है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, लेकिन 20 साल जैसी समयसीमा उन्हें ठीक नहीं लगती। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि ईरान को किसी तरह की जीत का अहसास हो।
कूटनीतिक स्तर पर बातचीत में भूमिका निभा रहे रिटायर्ड पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल Muhammad Saeed ने दावा किया कि यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर तेहरान ने कुछ लचीलापन दिखाया है, जो पहले कई बार बातचीत में रुकावट बन चुका था।
हालांकि ट्रंप का कहना है कि ईरान को किसी भी समझौते को अपने देश में इस तरह पेश करना होगा कि वह आत्मसमर्पण जैसा न लगे। सईद के मुताबिक, ईरान के लिए यह जरूरी है कि वह अपने लोगों के सामने इस समझौते को सम्मानजनक तरीके से रख सके।
वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद Mohammad Marandi ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी तरह की नाकेबंदी से ईरान का रुख नहीं बदलेगा और यूरेनियम संवर्धन को खत्म करना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है।