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होर्मुज पर बढ़ा तनाव: UN प्रमुख की अपील- कोई टोल नहीं, कोई भेदभाव नहीं, जहाजों को गुजरने दें

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वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर, अमेरिका-ईरान टकराव के बीच बढ़ी चिंता

Last Updated- April 28, 2026 | 9:12 AM IST
UN Chief Antonio Guterres on US Iran War:
Representational Image

US Iran War: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही तुरंत बहाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए समुद्री मार्गों का खुला रहना बेहद जरूरी है।

एक बयान में गुटेरेस ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के नेविगेशन अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं- जलडमरूमध्य खोलें। जहाजों को गुजरने दें। कोई टोल नहीं। कोई भेदभाव नहीं। व्यापार को फिर से शुरू होने दें। वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलने दें। सुरक्षित और बिना बाधा के मार्ग आर्थिक और मानवीय जरूरत है।”

अमेरिकी विदेश मंत्री ने की आलोचना

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित या उससे शुल्क लेने के ईरान के कथित प्रयासों की कड़ी आलोचना की। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने चेतावनी दी कि अमेरिका ऐसे कदमों को स्वीकार नहीं करेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश माना जाएगा।

उन्होंने कहा, “अगर उनका मतलब यह है कि जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन आपको ईरान से अनुमति लेनी होगी, वरना हमला होगा या शुल्क देना होगा, तो यह जलमार्ग खोलना नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है।” हाल के हफ्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो रही है। यह संकीर्ण मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

यह पढ़ें: ट्रंप का दावा- ईरान की हालत खराब, क्या अब खत्म होगी Middle East की टेंशन?

US Iran War: ब्रिटेन की पीएम ने ट्रंप से की बात

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत में इस जलमार्ग को फिर से खोलने की “तत्काल जरूरत” पर जोर दिया था। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने लंबे समय तक बाधा बने रहने पर वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने जैसे आर्थिक असर की चेतावनी दी।

बयान में यह भी कहा गया कि समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक और सुरक्षा प्रयास जारी हैं, जिसमें ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त पहल भी शामिल है। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए गए नए ट्रांजिट शुल्क से मिलने वाली राशि देश के केंद्रीय बैंक में जमा की गई है।

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First Published - April 28, 2026 | 9:12 AM IST

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