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होर्मुज में टैंकर शुल्क पर ट्रंप की ईरान को चेतावनी, युद्धविराम पर बढ़ा तनाव

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होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों से शुल्क वसूली के आरोपों के बीच अमेरिका-ईरान विवाद गहराया, कमजोर युद्धविराम पर संकट के संकेत।

Last Updated- April 10, 2026 | 8:46 AM IST
Donald Trump
File Image

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों से शुल्क ले रहा है और तेहरान को ऐसा न करने की चेतावनी दी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “रिपोर्ट्स हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से फीस ले रहा है, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर कर रहे हैं, तो तुरंत बंद करें!”

एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों को गुजरने देने में ‘खराब काम’ कर रहा है और उसे युद्धविराम समझौते की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ईरान तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने देने में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे अपमानजनक कह सकते हैं। यह हमारे समझौते का हिस्सा नहीं है!

इस बयान से पहले से कमजोर युद्धविराम पर खतरा बढ़ गया है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं और इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने से पहले ही तनाव बढ़ गया है।

US Iran War: इजरायल पर समझौते के उल्लंघन का आरोप

इससे पहले तेहरान ने इजराइल पर लेबनान में हमले कर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था और कहा था कि लेबनान भी युद्धविराम का हिस्सा है। हालांकि अमेरिका और इजराइल का कहना है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता। इस विवाद ने कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना दिया है और समझौते के टूटने का खतरा बढ़ा दिया है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है” और हिज्बुल्लाह के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई जारी रखने की बात कही।

उन्होंने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूं कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। हम हिज्बुल्लाह पर पूरी ताकत से हमला जारी रखेंगे और तब तक नहीं रुकेंगे जब तक आपकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।”

लेबनान से सीधे बातचीत के निर्देश

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि उन्होंने कैबिनेट को लेबनान सरकार के साथ सीधे बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि हिज्बुल्लाह को निशस्त्र किया जा सके और एक ऐतिहासिक शांति समझौता किया जा सके।

उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार के बार-बार अनुरोध के बाद, कैबिनेट को दो लक्ष्यों के लिए सीधे बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया है। पहला, हिज्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण और दूसरा, इजराइल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता।

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First Published - April 10, 2026 | 8:46 AM IST

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