US-Iran War: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए दुनिया भर में सतर्कता बढ़ाने की चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं, खासकर पश्चिम एशिया में खतरा ज्यादा हो सकता है।
जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि विदेश में रह रहे या यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिक अपने नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से यात्रा योजनाओं में बाधा आ सकती है।
विदेश विभाग ने यह भी बताया कि अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है, और केवल पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अमेरिका से जुड़े स्थानों या हितों पर हमले की आशंका बनी हुई है।
अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा अलर्ट पाने के लिए http://step.state.gov पर रजिस्ट्रेशन करें। साथ ही यात्रा से पहले http://travel.state.gov पर जाकर संबंधित देश की ट्रैवल एडवाइजरी और हालिया चेतावनियों को ध्यान से पढ़ें।
इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर सख्ती के जरिए पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अमेरिका के एक अधिकारी बेसेंट ने कहा है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कदम दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रंप ईरानी शासन को कमजोर कर रहे हैं और पश्चिम एशिया में शांति लाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक अगर एक या दो साल और मिल जाते तो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना मुश्किल हो जाता।
बेसेंट ने आगे कहा कि सुरक्षा के बिना समृद्धि संभव नहीं है और पहले जो स्थिति थी वह केवल सुरक्षा का भ्रम थी। उन्होंने ट्रंप के फैसलों को निर्णायक बताते हुए कहा कि इन कदमों से दुनिया अब ज्यादा सुरक्षित हो गई है।
वहीं दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी गई अपनी समयसीमा पर कार्रवाई की तो वह क्षेत्रीय ढांचे पर जवाबी हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता है तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को पूरी तरह नष्ट कर देंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य हमला सामने आया है। अमेरिका ने ईरान के क़ोम शहर में स्थित टरबाइन इंजन उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाते हुए उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दी है।
CENTCOM के अनुसार, यह प्लांट गैस टरबाइन इंजन बनाता था, जिनका इस्तेमाल अटैक ड्रोन और विमान के पुर्जों में किया जाता था। इनका उपयोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा किया जाता था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हमले से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की हैं। एक तस्वीर 6 मार्च 2026 की है, जिसमें प्लांट सही स्थिति में दिख रहा है। वहीं दूसरी तस्वीर में तीन दिन बाद की स्थिति दिखाई गई है, जिसमें प्लांट पूरी तरह तबाह नजर आ रहा है।
इस बीच, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है। यह टकराव ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुआ था।
वहीं कूटनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। फ्रांस के प्रधानमंत्री Emmanuel Macron ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई है।