facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अमेरिका ने ईरान के सामने रखा 15-सूत्रीय प्लान, युद्धविराम के लिए क्या हैं ये प्रस्ताव

Advertisement

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई भी जारी है।

Last Updated- March 25, 2026 | 9:32 AM IST
Donald Trump
File Image

US Iran Ceasefire Plan: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई।

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने मंगलवार को अपनी एक खबर में कहा कि 15-सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय ‘पेंटागन’ दो ‘मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट’ की भी तैनाती की प्रक्रिया में है जिसके तहत क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन एवं नौसेना के हजारों अन्य कर्मी और तैनात किए जाएंगे।

US Iran Ceasefire Plan पर इजरायल हैरान

अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजराइली अधिकारी अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम योजना सौंपे जाने से हैरान हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अतिरिक्त सैनिक एवं मरीन भेज रहा है, ऐसे में युद्धविराम योजना के प्रस्ताव को ट्रंप की ऐसी रणनीति के तौर पर पेश किया जा रहा है कि भविष्य में क्या कदम उठाना है, इसे लेकर वह अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया है।

यह पढ़ें: हम यह युद्ध जीत चुके हैं, सैन्य रूप से वे खत्म हो चुके हैं: पश्चिम एशिया संघर्ष पर ट्रंप

15 सूत्रीय युद्धविराम योजना में क्या हैं प्रस्ताव?

हालांकि पूरी 15 सूत्रीय योजना अभी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुख्य रूप से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। इसमें ईरान की जमीन पर यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) को खत्म करने की मांग शामिल है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

28 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने ईरान के मिसाइल सिस्टम, लॉन्चर, उत्पादन इकाइयों और परमाणु ढांचे को निशाना बनाया है। अमेरिकी और इजराइली नेतृत्व बार-बार कह चुके हैं कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

इन हमलों के बावजूद, ईरान ने इजराइल और पड़ोसी अरब देशों पर मिसाइल हमले जारी रखे हैं और माना जा रहा है कि उसके पास अभी भी लगभग 440 किलोग्राम हाई ग्रेड का एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। इस प्रस्ताव में समुद्री पहुंच, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के विषय को, के मुद्दे की भी बात रखी गई है। युद्ध की शुरुआत के बाद से, यह जलमार्ग ज्यादातर पश्चिमी जहाज़ों के लिए अवरुद्ध रहा है, जिससे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं।

यह पढ़ें: प​. एशिया संकट पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, PM मोदी ने ट्रंप से फोन पर की बातचीत

क्या US Iran Ceasefire Plan से युद्ध जल्द खत्म होगा?

युद्धविराम की पहल के बावजूद फिलहाल संघर्ष के जल्द खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने बताया कि बातचीत के विकल्प तलाशे जा रहे हैं, लेकिन साथ ही ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन द्वारा तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जारी है।

इस बीच, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है, जबकि मिस्र और तुर्की भी ईरान को बातचीत के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के प्रयासों का पूरा समर्थन करता है और यदि वॉशिंगटन और तेहरान सहमत हों तो व्यापक समाधान के लिए वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है।

Advertisement
First Published - March 25, 2026 | 9:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement