facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान के खिलाफ लखनऊ में FIR दर्ज, जानें पूरा मामला

Advertisement
Last Updated- March 02, 2023 | 1:33 PM IST
Gauri Khan

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बालीवुड अभिनेता शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान और तुलसियानी समूह के मुख्य प्रबंध निदेशक समेत दो अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गौरी, तुलसियानी समूह की ब्रांड एंबेस्डर हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में गत 25 फरवरी को गौरी के साथ-साथ निर्माण कंपनी तुलसियानी कंस्ट्रक्शंस एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक अनिल कुमार तुलसियानी और निदेशक महेश तुलसियानी के खिलाफ मुंबई के एक कारोबारी किरीट जसवंत की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

जसवंत का आरोप है कि गौरी खान तुलसियानी समूह की ब्रांड एंबेस्डर हैं और उनके द्वारा किए गए विज्ञापन पर विश्वास करके उन्होंने वर्ष 2015 में लखनऊ में तुलसियानी समूह की एक परियोजना में फ्लैट बुक कराया था।

जसवंत के मुताबिक, फ्लैट की बुकिंग के लिए उन्होंने तुलसियानी समूह को 85 लाख 46 हजार रुपये का भुगतान किया था, बावजूद इसके कंपनी ने उन्हें फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया।

जसवंत ने आरोप लगाया कि धनराशि वापस मांगने पर कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक अनिल तुलसियानी और निदेशक महेश तुलसियानी तरह-तरह के बहाने करने लगे।

जसवंत का कहना है कि वर्ष 2017 में कंपनी ने अलग-अलग तारीखों पर कुल 22 लाख 70 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर चुकाए और कहा कि अगर छह महीने के अंदर कब्जा नहीं दिया गया, तो कंपनी ब्याज सहित पूरा धन लौटाएगी। जसवंत ने कहा कि हालांकि, उन्हें न तो कब्जा मिला और न ही रकम दी गई।

उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि जिस फ्लैट के लिए बिक्री अनुबंध हुआ था, उसके लिए अनुबंध किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी किया गया था।

Advertisement
First Published - March 2, 2023 | 1:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement