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नकली मौनजारो दवा पर एक्शन: इलाई लिली ने हरियाणा FDA की कार्रवाई का किया समर्थन

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गुरुग्राम में नकली दवा जब्त, कंपनी बोली- अधिकृत सप्लाई चेन से नहीं जुड़ा मामला

Last Updated- May 01, 2026 | 8:55 AM IST
Eli Lilly Mounjaro
वित्त वर्ष 26 के दौरान भारत में व्यापारिक मौनजारो की बिक्री 923 करोड़ रुपये रही। File Image

दिग्गज दवा कंपनी इलाई लिली ने डायबिटीज की अपनी दवा मौनजारो के नकली संस्करण के खिलाफ हरियाणा फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की कार्रवाई का समर्थन किया है। इस नकली दवा को गुरुग्राम में जब्त किया गया था। कंपनी ने कहा कि नकली दवा उसकी अधिकृत आपूर्ति श्रृंखला से नहीं आई थी।

खबरों के मुताबिक दो हफ्ते पहले हरियाणा के दवा नियंत्रण विभाग ने मौनजारो क्विकपेन्स की बिक्री से जुड़े कथित गैर-कानूनी रैकेट का भंडाफोड़ किया था। कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा, ‘जब्त नकली दवाइयां लिली ने नहीं बनाई थीं और न ही लिली की अधिकृत तथा प्रमाणित आपूर्ति श्रृंखला से आई थीं।’ इसमें यह भी कहा गया है कि ज्यादातर नकली स्टॉक बरामद कर लिया गया है और लाइसेंस प्राप्त वितरकों तथा फार्मेसियों के जरिये असली दवाओं की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।

नकली दवा को गंभीरता से लेती है लिली: सीएमडी

इलाई लिली इंडिया के अध्यक्ष और महाप्रबंधक विंसलो टकर ने कहा, ‘नकली दवा को लिली गंभीरता से लेती है। नकली दवाओं का विनिर्माण स्वीकृत गुणवत्ता नियंत्रणों के तहत नहीं किया जाता है और इससे रोगियों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।’ वित्त वर्ष 26 के दौरान भारत में व्यापारिक रास्तों के जरिये सबसे अधिक बिकने वाली दवा मौनजारो थी और इसकी बिक्री 923 करोड़ रुपये रही।

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First Published - May 1, 2026 | 8:55 AM IST

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