facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Healthcare innovation: भारत में हेल्थकेयर में नई खोजों का बाजार 30 अरब डॉलर, 2028 तक होगा दोगुना!

Advertisement

Healthcare innovation: यह वृद्धि फार्मा, हेल्थटेक, वैक्सीन, बायोटेक और मेडटेक जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन से प्रेरित होगी।

Last Updated- March 06, 2024 | 10:06 PM IST
Omron Healthcare

भारत में हेल्थकेयर नवोन्मेष क्षेत्र में इस समय 30 अरब डॉलर के अवसर हैं जिनके वित्त वर्ष 28 तक दोगुना होने की संभावना है क्योंकि भारत का संपूर्ण हेल्थकेयर बाजार (वित्त वर्ष 23 में 180 अरब डॉलर) लगभग 12 प्रतिशत सालाना चक्रवृद्धि दर के साथ बढ़कर लगभग 320 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। बेन ऐंड कंपनी और हेल्थक्वाड की हालिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

इस रिपोर्ट – ‘हेल्थकेयर इनोवेशन इन इंडिया’ में कहा गया है कि भारत के कुल हेल्थकेयर बाजार में स्वास्थ्य संबंधी नवोन्मेष का योगदान करीब 15 प्रतिशत या 30 अरब डॉलर है जिसमें से लगभग 55 प्रतिशत निर्यात आधारित है। वित्त वर्ष 20 के 17 अरब डॉलर की तुलना में पिछले तीन वर्षों के दौरान स्वास्थ्य देखाभाल नवोन्मेष करीब दोगुना हो चुका है।

स्वास्थ्य नवोन्मेष क्षेत्र में चार प्रमुख श्रेणियां हैं – फार्मा सेवाएं जिनमें अनुबंध विकास और विनिर्माण संगठन (सीडीएमओ), अनुबंध अनुसंधान संगठन (सीआरओ), फार्मा आईटी के साथ-साथ हेल्थटेक, वैक्सीन और बायोटेक और मेडटेक शामिल हैं।

हेल्थक्वाड के प्रबंध पार्टनर चार्ल्स एंटनी जानसेन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि 10 साल पहले भारत एनसीई के रसायन विज्ञान और एपीआई उत्पादन में विशेष रूप से मजबूत स्थिति में था, लेकिन बायोलॉजिक्स क्षेत्र में उसकी बिल्कुल भी मौजूदगी नहीं थी। हेल्थक्वाड हेल्थकेयर नवोन्मेष क्षेत्र का फंड है जिसका लक्ष्य भारत में स्वास्थ्य सेवा में बदलाव लाने वाले मॉडलों को विकसित करना है।

जानसेन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भारत दुनिया में कोविड-19 टीकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया और वैश्विक वैक्सीन निर्यात का लगभग 50 प्रतिशत भारत से हुआ। उन्होंने कहा कि इससे दो ऐसी क्षमताएं पैदा हुईं जो भारत के पास पहले नहीं थीं यानी इन टीकों को विकसित करने और बढ़ाने के लिए बायोलॉजिकल दिशा में खोज की बड़ी क्षमताएं तथा उस विशाल मात्रा के क्रियान्वयन में सक्षम होने के लिए उच्च गुणवत्ता और कम लागत वाले बायोलॉजिकल विनिर्माण का प्रतिभा समूह। इस प्रकार भारत मूल्य-श्रृंखला में आगे बढ़ रहा है।

Advertisement
First Published - March 6, 2024 | 10:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement