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क्या आप पैरासिटामोल लेते हैं? तो UK university की ये रिपोर्ट जरुर पढ़े

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सर्दी-खांसी-बुखार होने पर बिना डॉक्टर को दिखाए यदि आप पैरासिटामोल लेनेवालों में से हैं, तो नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की ये रिपोर्ट आखें खोलनेवाली होगी।

Last Updated- December 14, 2024 | 5:04 PM IST
Pharma and Healthcare stocks

चिकित्सक की पर्ची के बिना मिलने वाली दवाओं में शामिल पैरासिटामोल 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में आंत, हृदय और गुर्दे से संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय (nottingham university)के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नवीनतम अध्ययन में पाया गया कि पैरासिटामोल के उपयोग से पेप्टिक अल्सर रक्तस्राव (पाचन तंत्र में अल्सर के कारण रक्तस्राव) के जोखिम में क्रमशः 24 प्रतिशत और 36 प्रतिशत की वृद्धि होती है और आंत संबंधी रक्तस्राव में कमी आती है। पैरासिटामोल के सेवन से गुर्दे के गंभीर रोग का खतरा 19 प्रतिशत, दिल का दौरा पड़ने का खतरा नौ प्रतिशत तथा उच्च रक्तचाप का खतरा सात प्रतिशत बढ़ सकता है।

नॉटिंघम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन (School of Medicine) के प्रमुख अनुसंधानकर्ता वेया झांग ने कहा, ‘‘कथित तौर पर सुरक्षित होने की वजह से पैरासिटामोल को अस्थियों से जुड़े रोगों के लिए कई उपचार दिशानिर्देशों में प्राथमिक दवा के रूप में अनुशंसित किया गया है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, जिनमें दवा से उत्पन्न जटिलताओं का उच्च जोखिम होता है।’’

आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ‘‘यह अध्ययन वृद्ध लोगों में गुर्दा, हृदय और आंत संबंधी दुष्प्रभावों को दर्शाता है।’’ हल्के से मध्यम बुखार के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पैरासिटामोल, अस्थियों से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए भी चिकित्सक द्वारा परामर्श दी जाने वाली पहली दवा है क्योंकि इसे प्रभावी, अपेक्षाकृत सुरक्षित और सुलभ माना जाता है। हालांकि, दर्द निवारण में पैरासिटामोल की प्रभावशीलता पर कुछ अध्ययनों में सवाल उठाये गए हैं, जबकि अन्य अध्ययनों ने लंबे समय तक इसके उपयोग से पाचन तंत्र संबंधी दुष्प्रभावों, जैसे अल्सर और रक्तस्राव, के बढ़ते जोखिम को रेखांकित किया है।

शोधकर्ताओं ने इन नतीजों पर पहुंचने के लिए 1,80,483 लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिन्हें बार-बार पैरासिटामोल दी गई थी। शोधकर्ताओं ने इसके बाद इन स्वास्थ्य रिपोर्ट की तुलना उसी आयु के 4,02,478 (4.02 लाख) लोगों से की, जिन्हें कभी भी बार-बार पैरासिटामोल नहीं दी गई थी।

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First Published - December 14, 2024 | 4:26 PM IST

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