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पश्चिम एशिया युद्ध से भारत का मेडिकल टूरिज्म प्रभावित, विदेशी मरीज घटे

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उद्योग के सूत्रों का कहना है कि इस महीने संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म के कुल राजस्व को लगभग 15 से 20 प्रतिशत का झटका लग सकता है।

Last Updated- March 13, 2026 | 9:22 AM IST
Healthcare
Representational Image

बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम की वजह से कुछ गिरावट के बाद जब भारतीय मेडिकल टूरिज्म उद्योग उबरने ही वाला था, तभी पश्चिम एशिया के संकट ने विदेशी मरीजों के आने पर असर डालना शुरू कर दिया है। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से कई अस्पताल श्रृंखलाओं ने विदेशी मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक की गिरावट की सूचना दी है, जिससे राजस्व में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।

पश्चिम एशिया के मरीज मुख्य रूप से हार्ट सर्जरी, ऑन्कोलॉजी उपचार, ट्रांसप्लांट और ऑर्थोपेडिक इलाज के लिए भारतीय अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। फोर्टिस हेल्थकेयर में समूह के मुख्य परिचालन अधिकारी अनिल विनायक ने कहा, ‘फोर्टिस हॉस्पिटल्स में हमने भूराजनीतिक तनाव और युद्ध से जुड़ी दिक्कतों की वजह से पश्चिम एशिया के मरीजों की संख्या में काफी कमी देखी है। जब से युद्ध शुरू हुआ है, तब से सभी शहरों में अंतरराष्ट्रीय मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत से ज्यदा की गिरावट आई है।’

फोर्टिस के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में इस क्षेत्र की करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रहती है। शुरुआती दिनों में असर बहुत कम था क्योंकि मरीज पहले ही भारत आ चुके थे। अलबत्ता धीरे-धीरे इनकी संख्या में खासी कमी आई है। विनायक ने कहा, ‘अगर हम फरवरी के आखिरी 10 दिनों की तुलना मार्च के पहले 10 दिनों से करें, तो पश्चिम एशिया से आने वाले मरीजों की संख्या में 75 प्रतिशत तक की कमी आ चुकी है।’

उद्योग के सूत्रों का कहना है कि इस महीने संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म के कुल राजस्व को लगभग 15 से 20 प्रतिशत का झटका लग सकता है। हालांकि आने वाले महीनों में और ज्यादा खासा असर दिखेगा। कई अहम देशों से नए मरीजों के आने में कमी के कारण ऐसा होगा।
एस्टर डीएम हेल्थकेयर की उप-प्रबंध निदेशक आलिशा मूपेन ने कहा कि अस्पताल श्रृंखला में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) की केवल सात प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा, ‘हमारे मामले में पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी लगभग 15 से 20 प्रतिशत है। इस 7 प्रतिशत का बड़ा हिस्सा मालदीव, श्रीलंका और अफ्रीका जैसे देशों के कुछ हिस्सों से आता है।’ मूपेन ने कहा, ‘मेडिकल टूरिज्म के नजरिये से जाहिर है कि हमें अभी नुकसान नजर आ रहा है। हम दूसरे स्थानीय कारोबार से भी इसकी भरपाई कर पाएंगे।’

साल 2024 तक विदेशी पर्यटकों के आने के सरकारी आंकड़ों के आधार पर इलाज क लिए भारत आने वाले लगभग 75 प्रतिशत पर्यटक बांग्लादेश के थे। हालांकि भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी मसलों की वजह से पिछले साल इस संख्या में कमी आई, जिससे भारतीय अस्पताल श्रृंखलाओं को पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों पर विचार करना पड़ा।

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First Published - March 13, 2026 | 9:22 AM IST

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