facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेवाओं को राहत देने नैटहेल्थ ने मांगी 5% GST इनपुट दर

Advertisement

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली तक जीएसटी सुधार करने की बीते सप्ताह घोषणा की थी।

Last Updated- August 19, 2025 | 10:36 PM IST
Health Tech IPO
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

स्वास्थ्य देखभाल निकाय नैटहेल्थ ने इस क्षेत्र के लिए 5 प्रतिशत जीएसटी इनपुट स्लैब मानकीकृत करने की मांग की है। इसके अलावा निकाय ने जीएसटी आउटपुट भुगतान लागू होने की स्थिति में प्रदाताओं को इनपुट क्रेडिट का दावा करने की अनुमति देने की मांग की है। 

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली तक जीएसटी सुधार करने की बीते सप्ताह घोषणा की थी। इस सुधार का लक्ष्य कर दरों को घटाना, जीएसटी के अनुपालन को सरल बनाना व आधुनिक बनाना है ताकि आसानी से और आगे बढ़े। नैटहेल्थ ने कहा कि जीएसटी को तार्किक बनाने से कई उद्योगों दक्षता व लागत बढ़ी है। हालांकि इसके दायरे से स्वास्थ्य देखभाल व्यापक रूप से बाहर रहा है। इस उद्योग निकाय ने कहा कि हालिया ढांचे ने सेवा प्रदाताओं के लिए लागत को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ा दिया है। लिहाजा 5 प्रतिशत जीएसटी इनपुट की स्लैब महत्त्वपूर्ण है। 

इसी क्रम में निकाय ने दावा किया कि अस्पताल और डाइनोस्टिक प्रदाता आवश्यक वस्तुओं में शामिल मेडिकल उपकरणों व इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं से ठेके पर रखे जाने वाले श्रमिकों, रखरखाव व महत्त्वूपर्ण सेवाओं पर इनपुट का दावा नहीं कर पाते हैं। निकाय ने कहा, ‘आज ब्लॉक किए गए क्रेडिट जीएसटी से पूर्व के दौर से अधिक हैं। इससे लागत बढ़ गई है जो उजागर नहीं होती है। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं जैसे ठेके पर रखे जाने वाले मानवश्रम की सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। यह सेवा मानव श्रम पर अत्यधिक निर्भर करती है और आसानी से लोगों को नौकरी पर रखने को हतोत्साहित करता है।’ 

Advertisement
First Published - August 19, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement