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कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलर

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जायडस के अनुमान के अनुसार, इससे संबं​धित इलाज भारत में 500,000 से अधिक रोगियों को मददगार साबित हो सकता है

Last Updated- January 22, 2026 | 11:04 PM IST
Zydus Lifesciences

अहमदाबाद स्थित दवा कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज ने गुरुवार को कहा कि उसने कई कैंसर संकेतों के इलाज के लिए भारत में कैंसर इम्यूनोथेरेपी दवा निवोलुमैब की दुनिया की पहली बायोसिमिलर पेश की है। हाल में ही दिल्ली उच्च न्यायालय के खंडपीठ द्वारा जायडस लाइफ को अमेरिकी दवा कंपनी ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब (बीएमएस) द्वारा पेटेंट की गई एक ब्लॉकबस्टर कैंसर दवा निवोलुमैब का बायोसिमिलर संस्करण बनाने और बेचने की अनुमति दी गई है। यह पेशकश इस साल 2 मई को कंपनी के भारतीय पेटेंट की समाप्ति से कुछ महीने पहले की गई है।

जायडस ने नियामक को भेजी जानकारी में कहा है कि बायोसिमिलर को ‘टिश्टा’ के रूप में ब्रांडेड किया जाएगा, और यह दो खुराक रूपों में उपलब्ध होगा – 40 मिलीग्राम (मिलीग्राम) और 100 मिलीग्राम, जिसकी कीमत क्रमशः 13,950 रुपये और 28,950 रुपये है।

दवा निर्माता ने नियामक को दी जानकारी में कहा, ‘कीमतें संदर्भ दवा की लगभग एक चौथाई हैं।’

भारत के बाहर ओपडिवो और भारत में ओपडायटा ब्रांड नाम से बेची जाने वाली निवोलुमैब ने विश्व स्तर पर महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक सफलता दर्ज की है। ओपडायटा की कीमत आमतौर पर लगभग 36,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये प्रति शीशी तक होती है, जो खुराक के आकार पर निर्भर करती है।

उच्च न्यायालय के फैसले में कहा गया था कि मरीजों को सस्ती चिकित्सा तक पहुंच से वंचित नहीं किया जा सकता है। जायडस को इस पेशकश के संदर्भ में आगे बढ़ने की अनुमति देते हुए, पीठ ने कंपनी को पेटेंट समाप्त होने तक बिक्री का विस्तृत लेखा-जोखा रखने का भी निर्देश दिया।

जायडस के अनुमान के अनुसार, इससे संबं​धित इलाज भारत में 500,000 से अधिक रोगियों को मददगार साबित हो सकता है और इससे सस्ती कीमत और इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी थेरेपी तक पहुंच का दायरा व्यापक होगा।

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First Published - January 22, 2026 | 11:00 PM IST

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