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2017 में खरीदा था SGB? अब मिल रहा 300% से भी ज्यादा रिटर्न

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सिर्फ 8 साल में पैसा हुआ तीन गुना से ज्यादा! RBI ने 2017-18 SGB की रिडेम्प्शन कीमत घोषित की, निवेशकों को मिल रहा भारी मुनाफा।

Last Updated- November 20, 2025 | 3:57 PM IST
Sovereign Gold Bond

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2017-18 सीरीज-VIII में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह साल खुशखबरी लेकर आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बॉन्ड की अंतिम रिडेम्प्शन कीमत तय कर दी है। यह 20 नवंबर 2025 को मैच्योर हो गया है। RBI ने एक यूनिट की कीमत 12,300 रुपये तय की है। यह दर 17, 18 और 19 नवंबर के दौरान इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी 999 शुद्धता वाले सोने के औसत भाव पर आधारित है।

निवेश से मिला शानदार रिटर्न

इस बॉन्ड को नवंबर 2017 में 2,951 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर जारी किया गया था। अब, रिडेम्प्शन के समय निवेशकों को प्रति यूनिट 9,349 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यानी कुल मिलाकर 8 साल में पैसा लगभग 317% बढ़ गया। अगर सालाना हिसाब से देखें, तो निवेश पर करीब 19.7% की बढ़त हुई। इसमें 2.5% सालाना मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है। ब्याज जोड़ने पर असली फायदा और भी ज़्यादा हो जाता है।

रिडेम्प्शन प्रक्रिया आसान

रिडेम्प्शन के समय निवेशकों को किसी प्रकार की प्रक्रिया पूरी नहीं करनी पड़ती। RBI सीधे परिपक्वता राशि निवेशक के जुड़े हुए बैंक खाते में भेज देता है। मैच्योरिटी पर मिलने वाला यह मुनाफा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति बॉन्ड को 8 साल पूरे होने से पहले बेच देता है, तो उसे लंबी अवधि वाले टैक्स में इंडेक्सेशन नाम का फायदा मिल सकता है। इस योजना की कुल अवधि आठ वर्ष की होती है, लेकिन पांच वर्षों के बाद निवेशक ब्याज भुगतान की तारीखों पर आंशिक या पूरी निकासी का विकल्प भी चुन सकते हैं।

रिटर्न इतने अधिक क्यों मिले

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमतें सोने के बाजार भाव से जुड़ी होती हैं। 2017 से अब तक सोने की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका लाभ सीधे SGB निवेशकों को मिला है। साथ ही होल्डिंग पीरियड के दौरान मिलने वाले वार्षिक ब्याज ने भी कुल रिटर्न को और मजबूत किया। यही वजह है कि 2017-18 की यह सीरीज पिछले कई सालों में सबसे बेहतर सरकारी निवेश योजनाओं में से एक बन गई है।

नई सीरीज पर रोक

सरकार ने यह योजना 2015 में इसलिए शुरू की थी ताकि लोग कम मात्रा में असली सोना खरीदें और उसकी जगह इस तरह के बॉन्ड में निवेश करें। लेकिन पिछले साल से सोने की कीमत बहुत तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सरकार ने नई SGB सीरीज जारी नहीं की। इसके बावजूद, पुराने निवेश करने वाले लोगों के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद साबित हुई है।

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First Published - November 20, 2025 | 3:57 PM IST

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