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Aadhaar Card Update Rule: मरने के बाद क्या होता है आधार कार्ड का? जानें पूरा सिस्टम और क्यों जरूरी है डिएक्टिवेशन प्रक्रिया

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Aadhaar Update: मृत्यु के बाद आधार कार्ड अपने आप बंद नहीं होता, इसे सुरक्षित रखने के लिए UIDAI की ऑनलाइन प्रक्रिया से डिएक्टिवेट कराना जरूरी है।

Last Updated- April 15, 2026 | 1:54 PM IST
Aadhaar Card Update
Representative image

आधार कार्ड आज के समय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज बन चुका है, जिसका उपयोग बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल कनेक्शन, सरकारी सब्सिडी और विभिन्न योजनाओं में किया जाता है। ऐसे में किसी परिवार सदस्य की मृत्यु के बाद उसके आधार नंबर के उपयोग और सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है।

मृत्यु के बाद आधार अपने आप बंद नहीं होता

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार नंबर अपने आप डीएक्टिवेट नहीं होता। यह तब तक सक्रिय रहता है जब तक परिवार की ओर से इसे डिएक्टिवेट कराने की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती। इसी कारण इसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।

आधार से बैंक खाते, सब्सिडी और मोबाइल सेवाएं जुड़ी होने के कारण मृत व्यक्ति के आधार डेटा का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए समय पर कार्रवाई करना आवश्यक माना गया है।

ऑनलाइन रिपोर्ट करने की प्रक्रिया

UIDAI ने इसके लिए myAadhaar पोर्टल पर डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे परिवार का कोई भी सदस्य घर बैठे रिपोर्ट दर्ज कर सकता है।

इसके लिए उपयोगकर्ता को myAadhaar पोर्टल पर लॉग इन करना होता है और “Report Death of a Family Member” विकल्प का चयन करना होता है। इसके बाद मृत व्यक्ति का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण संख्या और अन्य आवश्यक विवरण भरने होते हैं।

आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होता है। दस्तावेजों को PDF, JPEG या PNG फॉर्मेट में अपलोड किया जा सकता है। सभी जानकारी सही होने की पुष्टि के बाद आवेदन जमा कर दिया जाता है।

सत्यापन के बाद होती है कार्रवाई

UIDAI द्वारा प्राप्त आवेदन की जांच की जाती है। सभी दस्तावेज और विवरण सही पाए जाने पर संबंधित आधार नंबर को डेटाबेस से डीएक्टिवेट कर दिया जाता है।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य पहचान की चोरी, बैंकिंग धोखाधड़ी और अन्य संभावित दुरुपयोग को रोकना है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाता है कि मृत व्यक्ति की पहचान का उपयोग किसी भी अवैध कार्य में न हो।

डिजिटल सुविधा के कारण अब परिवारों को किसी भी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से सरल तरीके से पूरी की जा सकती है।

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First Published - April 15, 2026 | 1:54 PM IST

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